Uttar Pradesh News: सोनभद्र में अदाणी फाउंडेशन और ICDS ने मनाया 9वां राष्ट्रीय पोषण माह, 14,039 गतिविधियों से जन-जन तक पहुंचा सुपोषण का संदेश
अदाणी फाउंडेशन के प्रोजेक्ट सुपोषण और ICDS के संयुक्त अभियान में 1,35,874 सहभागिताएं दर्ज, 52,414 बच्चों की हुई स्क्रीनिंग
Uttar Pradesh News: कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार तथा जन-जन तक पोषण के प्रति जागरूकता पहुंचाने के उद्देश्य से जनपद सोनभद्र में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग (ICDS) और अदाणी फाउंडेशन के प्रोजेक्ट सुपोषण के संयुक्त तत्वावधान में 9वां राष्ट्रीय पोषण माह व्यापक स्तर पर मनाया गया। अभियान के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आंगनवाड़ी केंद्रों और समुदाय स्तर पर विविध गतिविधियां आयोजित कर गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, किशोरियों, बच्चों तथा आम जनमानस को बेहतर पोषण के प्रति जागरूक किया गया।
राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, सोनभद्र में कुल 14,039 गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें 1,35,874 सहभागिताएं दर्ज की गईं। यह अभियान पोषण संबंधी जानकारी को परिवारों तक पहुंचाने और स्वस्थ खान-पान एवं बेहतर देखभाल की आदतों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।
अभियान के तहत 6,959 पारिवारिक परामर्श सत्रों के माध्यम से परिवारों को बच्चों के पोषण और देखभाल की जानकारी दी गई। वहीं, 3,382 फोकस ग्रुप डिस्कशन (FGD) के जरिए गर्भवती एवं धात्री माताओं और बच्चों के अभिभावकों को कुपोषण से बचाव, संतुलित आहार तथा उचित पोषण व्यवहार के प्रति जागरूक किया गया।
इसी क्रम में 1,288 कुकिंग डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य सामग्रियों से पौष्टिक भोजन तैयार करने की विधियां प्रदर्शित की गईं। घरों में हरी साग-सब्जियां उगाने को प्रोत्साहित करने के लिए 900 पोषण वाटिकाओं का विकास किया गया। इसके अतिरिक्त 358 सुपोषण हेल्प डेस्क, 354 जागरूकता रैलियां, 335 पोषण मेले और 97 स्वच्छता अभियान आयोजित किए गए।

इन गतिविधियों के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि संतुलित आहार, स्वच्छता, समय पर स्वास्थ्य जांच और परिवार की सक्रिय भागीदारी से कुपोषण की रोकथाम में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
अभियान के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर की पहचान पर विशेष जोर दिया गया। संकलित रिपोर्ट के अनुसार, 0 से 5 वर्ष तक के 52,414 बच्चों की स्क्रीनिंग दर्ज की गई। इसका उद्देश्य बच्चों की वृद्धि एवं पोषण स्थिति का आकलन करना और आवश्यकता के अनुसार उचित परामर्श तथा स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में सहायता करना रहा।
कार्यक्रमों के माध्यम से माताओं और परिवारों को शिशु के जन्म से लेकर जीवन के पहले दो वर्षों तक उचित पोषण के महत्व के बारे में बताया गया। छह माह तक केवल स्तनपान, छह माह पूरे होने के बाद उपयुक्त पूरक आहार की शुरुआत तथा स्तनपान के साथ संतुलित आहार जारी रखने पर जोर दिया गया। साथ ही, स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग और घरों में पोषण वाटिका विकसित करने के लिए परिवारों को प्रेरित किया गया।
Riyadh Airport Attack: सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट पर फिर हमला, एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत, 11 घायल
राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की समीक्षा जनपद के बाल विकास परियोजना अधिकारियों ने की। जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) विनीत सिंह ने सुपोषण प्रोजेक्ट की टीम और महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्पण एवं प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ICDS और अदाणी फाउंडेशन के संयुक्त प्रयास पोषण जागरूकता बढ़ाने, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और कुपोषण उन्मूलन के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
राष्ट्रीय पोषण माह के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई केवल एक अभियान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए निरंतर जागरूकता, सही खान-पान और सामुदायिक सहभागिता आवश्यक है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य विभाग, सुपोषण टीम और परिवारों के समन्वित प्रयासों से पोषण संबंधी व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में काम किया जा रहा है।



