Yogi Adityanath: विजयादशमी पर सीएम योगी की पाती, बोले- अहंकार और अन्याय रूपी रावण के दहन का लें संकल्प
Yogi Adityanath: योगी ने विजयादशमी पर अहंकार, अन्याय और भेदभाव मिटाने का संकल्प लेने की अपील की।
Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की महानवमी और विजयादशमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सामाजिक सद्भाव, नारी सम्मान और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया। अपनी पाती में उन्होंने कहा कि मां दुर्गा का पराक्रम और प्रभु श्रीराम का आदर्श जीवन लोगों को अन्याय के खिलाफ खड़े होने तथा धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्याय और अधर्म करने वाले लोग चाहे कितने ही शक्तिशाली क्यों न हों, अंत में विजय सत्य और धर्म की ही होती है। विजयादशमी इसी संदेश का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से त्योहार को केवल उत्सव के रूप में मनाने के बजाय अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर बनाने की अपील की।
मां दुर्गा और प्रभु श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान
सीएम योगी ने अपनी पाती में सनातन संस्कृति की परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विजय का उत्सव मनाने के साथ विनम्रता और ज्ञान के प्रति सम्मान बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने मां और मातृभूमि के प्रति प्रेम, जिम्मेदारियों के निर्वहन तथा समाज में आपसी सद्भाव बनाए रखने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम को सामाजिक समरसता और एकात्मता का प्रतीक बताते हुए कहा कि रामलीला में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग बिना भेदभाव के भाग लेते हैं। उनके मुताबिक, श्रीराम के आदर्श केवल भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दुनिया के अनेक देशों की सांस्कृतिक परंपराओं में भी उनका प्रभाव दिखाई देता है।
कानून का शासन और नागरिकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रभु श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप कानून का शासन स्थापित करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने माफिया तथा संगठित अपराध के खिलाफ की गई कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने भयमुक्त वातावरण बनाने के लिए कदम उठाए हैं।
योगी आदित्यनाथ ने अपराधियों और माफिया के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे कानून के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने सुरक्षित और समरस समाज के निर्माण में प्रशासनिक कार्रवाई के साथ आम नागरिकों की भागीदारी को भी जरूरी बताया।
माफिया से मुक्त जमीन पर गरीबों के लिए आवास बनाने का उल्लेख
सीएम योगी ने अपनी पाती में माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए आवास बनाने की बात कही। उन्होंने कसारी-मसारी क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां मुक्त कराई गई भूमि पर गरीब परिवारों के लिए घर बनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस पूरे क्षेत्र को कृष्णपुरी के नाम से विकसित करने की योजना है। इस घोषणा को उन्होंने कानून व्यवस्था और जरूरतमंद लोगों के लिए आवास उपलब्ध कराने से जुड़े प्रयासों के संदर्भ में रखा।
हालांकि, परियोजना की समयसीमा, आवासों की संख्या और निर्माण की स्थिति से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए संबंधित विभाग की आधिकारिक सूचना देखना जरूरी होगा।
रावण दहन के साथ अहंकार, भेदभाव और नकारात्मकता खत्म करने का संकल्प
विजयादशमी के संदेश में मुख्यमंत्री ने लोगों से प्रतीकात्मक रावण दहन को व्यक्तिगत और सामाजिक संकल्प से जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर अहंकार, अन्याय, भेदभाव और नकारात्मकता रूपी रावण को समाप्त करने का संकल्प लेना चाहिए।
सीएम योगी के संदेश के अनुसार, समाज में सकारात्मक बदलाव केवल शासन के प्रयासों से नहीं, बल्कि लोगों के व्यवहार और आपसी सहयोग से भी संभव है। उन्होंने नागरिकों से अपने आसपास सौहार्दपूर्ण माहौल बनाने और दूसरों के प्रति संवेदनशील रहने का आग्रह किया।
व्यसन से जूझ रहे लोगों के प्रति संवेदना दिखाने की अपील
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि आसपास कोई व्यक्ति किसी तरह के व्यसन से पीड़ित है, तो उसके साथ तिरस्कारपूर्ण व्यवहार करने के बजाय सहयोग और संवेदना का भाव अपनाना चाहिए। ऐसे लोगों को स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करने की जरूरत है।
उन्होंने त्योहार के संदेश को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए लोगों से दूसरों की मदद करने, भेदभाव से दूर रहने और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
सीएम योगी की पाती का प्रमुख संदेश यही रहा कि विजयादशमी पर बुराई के प्रतीक रावण के दहन के साथ समाज और व्यक्ति के भीतर मौजूद अहंकार, अन्याय तथा नकारात्मकता को दूर करने का संकल्प भी लिया जाए।



