adevertisment Adevertiisment banner

Unnao News-उन्नाव: सामाजिक परिवर्तन में व्यक्ति और सरकारी व्यवस्था की भूमिका पर विद्यार्थियों ने रखे विचार

Unnao News: Students share their views on the role of individuals and the government system in social change

Unnao News-छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर से संबद्ध राधाकृष्ण महाविद्यालय, हसनापुर में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय ‘सामाजिक परिवर्तन के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी अधिक महत्वपूर्ण है या सरकारी व्यवस्था’ रखा गया। इसमें विद्यार्थियों ने दोनों पक्षों में अपने तर्क प्रस्तुत किए और सामाजिक बदलाव में व्यक्ति तथा सरकार की भूमिका पर विचार साझा किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ. विकास कटियार ने दीप प्रज्ज्वलित कर और मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके किया। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना, तार्किक क्षमता और अभिव्यक्ति कौशल का विकास होता है। साथ ही, युवाओं को अपने नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक होने का अवसर मिलता है।

व्यक्तिगत जिम्मेदारी को बताया बदलाव की शुरुआत

प्रतियोगिता में व्यक्तिगत जिम्मेदारी के पक्ष में बोलने वाले विद्यार्थियों ने कहा कि सामाजिक परिवर्तन की शुरुआत व्यक्ति के विचारों और व्यवहार से होती है। स्वच्छता बनाए रखना, शिक्षा को बढ़ावा देना, लैंगिक समानता का समर्थन करना और पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यों में लोगों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

विद्यार्थियों ने कहा कि सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए लोगों को स्वयं जागरूक होना होगा। जब व्यक्ति अपनी जिम्मेदारियों को समझकर उनका निर्वहन करता है, तभी समाज में सकारात्मक बदलाव की नींव मजबूत होती है।

सरकारी व्यवस्था की भूमिका पर भी हुई चर्चा

सरकारी व्यवस्था के पक्ष में बोलने वाले प्रतिभागियों ने कहा कि व्यापक सामाजिक परिवर्तन के लिए प्रभावी कानून, पारदर्शी प्रशासन और जनकल्याणकारी योजनाएं महत्वपूर्ण हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में सरकार की अहम भूमिका होती है।

उन्होंने तर्क दिया कि सरकारी नीतियों और संसाधनों के प्रभावी क्रियान्वयन के बिना कई सामाजिक समस्याओं का स्थायी समाधान संभव नहीं है। इसलिए सामाजिक विकास के लिए मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था और योजनाओं का सही तरीके से लागू होना आवश्यक है।

व्यक्ति और सरकार एक-दूसरे के पूरक

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रदीप ने कहा कि सामाजिक परिवर्तन के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी और सरकारी व्यवस्था दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। व्यक्ति अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होकर बदलाव की शुरुआत करता है, जबकि सरकार नीतियों, संसाधनों और व्यवस्थाओं के माध्यम से उस बदलाव को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाती है।

प्रतियोगिता के अंत में श्रेया कटियार, आराध्या, हर्ष गौतम, सुप्रिया श्रीवास्तव और इरम परवीन को पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम में रामशंकर, नीरज पटेल, अमन वर्मा, इंदु कुमार और रचना कटियार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

Read Also-New Delhi News-सऊदी अरब में फंसे 3,000 उमराह जायरीन की सुरक्षित वतन वापसी, भारतीय मिशनों ने संभाला मोर्चा

Related Articles

Back to top button