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Varanasi: ‘नमो घाट’ पर राफेल-सुखोई का जलवा, PM मोदी का रोड शो

Varanasi: IAF के 94वें स्थापना वर्ष पर काशी में 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो; आसमान में 100 विमानों ने दिखाए करतब।

Varanasi: धर्मनगरी काशी रविवार को भारतीय वायु सेना के अदम्य शौर्य, पराक्रम और तकनीकी सामर्थ्य की ऐतिहासिक साक्षी बनी। भारतीय वायु सेना के 94वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में पावन गंगा के तट पर स्थित ‘नमो घाट’ से लेकर अस्सी घाट तक ‘विंग्स ओवर गंगा’ (Wings Over Ganges) एयर शो का भव्य और अलौकिक आयोजन किया गया। इस भव्य हवाई प्रदर्शन में राफेल, सुखोई-30MKI, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर, अपाचे और चिनूक जैसे 100 अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों, परिवहन जहाजों और हेलीकॉप्टरों ने गगनभेदी गर्जना के साथ हैरतअंगेज करतब दिखाकर उपस्थित लाखों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

पीएम मोदी का भव्य स्वागत और रोड शो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस गौरवशाली और ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने काशी पहुंचे। वाराणसी पुलिस लाइन से चौकाघाट होते हुए नमो घाट तक उनका भव्य रोड शो निकाला गया। सड़कों के दोनों ओर खड़े हजारों लोगों के जनसैलाब और उनके असीम उत्साह को देखकर प्रधानमंत्री ने अपनी कार रुकवाई और वाहन से बाहर निकलकर हाथ हिलाते हुए काशीवासियों का अभिवादन स्वीकार किया। नमो घाट के मुख्य मंच पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

12 एयरबेस से भरी उड़ान, 30 जोन में बंटी सुरक्षा व्यवस्था

‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो के लिए चेन्नई, ग्वालियर समेत देश के 12 प्रमुख एयरबेस से फाइटर जेट्स और हेलीकॉप्टरों ने उड़ान भरी थी। काशी में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर आयोजित इस एयरोबेटिक शो को देखने के लिए करीब 50 लाख लोगों की भारी भीड़ जुटने का अनुमान था।

भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए पूरे वाराणसी शहर को 30 जोन और 50 से अधिक सेक्टरों में विभाजित किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 11,500 से अधिक पुलिसकर्मी और सुरक्षा बल तैनात किए गए थे, वहीं 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही थी।

आसमान में गूंजा ‘महादेव’, ‘त्रिशूल’ और ‘रुद्र’

सैन्य शक्ति और राष्ट्रीय रक्षा क्षमता के इस अद्वितीय प्रदर्शन में काशी की सनातन, पौराणिक और सांस्कृतिक पहचान की अनूठी झलक देखने को मिली। वायु सेना के जांबाज पायलटों ने हवा में ‘महादेव’, ‘त्रिशूल’, ‘रुद्र’, ‘ओंकार’, ‘काशी’, ‘वरुणा’ और ‘त्रिदेव’ जैसी विभिन्न आकृतियां और फॉर्मेशन बनाकर पूरी देव नगरी को देशभक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के रंग में सराबोर कर दिया।

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