Eternal Group : दीपिंदर गोयल ने छोड़ा एटर्नल ग्रुप का CEO पद, अलबिंदर ढींडसा बने नए ग्रुप सीईओ
Eternal Group : दीपिंदर गोयल ने एटर्नल ग्रुप के CEO पद से इस्तीफा दे दिया है। अलबिंदर ढींडसा बने नए Group CEO। जानिए इस्तीफे की वजह, ESOP और आगे की रणनीति।
Eternal Group : कॉर्पोरेट जगत में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन देखने को मिला है। एटर्नल ग्रुप के CEO दीपिंदर गोयल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस बात की जानकारी उन्होंने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की। शेयरधारकों की मंजूरी के बाद दीपिंदर गोयल अब कंपनी के बोर्ड में वाइस चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे, जबकि अलबिंदर ढींडसा को एटर्नल ग्रुप का नया Group CEO नियुक्त किया गया है।
गौरतलब है कि Zomato, Eternal Group का ही हिस्सा है, और दीपिंदर गोयल को आमतौर पर जोमैटो के फाउंडर और चेहरे के रूप में जाना जाता है।
रणनीतिक पुनर्गठन के दौर में आया फैसला
दीपिंदर गोयल का इस्तीफा ऐसे समय में सामने आया है, जब एटर्नल ग्रुप विस्तार और रणनीतिक पुनर्गठन की प्रक्रिया से गुजर रहा है। अपने कार्यकाल के दौरान गोयल ने कंपनी की नींव को मजबूत किया, कई नई बिजनेस रणनीतियां लागू कीं और प्रतिस्पर्धी बाजार में ग्रुप की मजबूत मौजूदगी सुनिश्चित की।
CEO पद छोड़ने की वजह क्या है?
अपने बयान में दीपिंदर गोयल ने कहा कि वे अब कुछ ऐसे नए आइडियाज पर काम करना चाहते हैं, जिनमें ज्यादा जोखिम, प्रयोग और खोज शामिल है। ऐसे प्रयोग किसी पब्लिक कंपनी के ढांचे में फिट नहीं बैठते।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत में पब्लिक कंपनी के CEO पर कानूनी और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का काफी दबाव होता है, जिसके लिए पूरी तरह फोकस की जरूरत होती है। इसी वजह से यह बदलाव जरूरी था।
क्या नहीं बदलेगा?
गोयल ने साफ किया कि यह फैसला कंपनी से दूरी बनाने का नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन के 18 साल एटर्नल को बनाने में लगाए हैं और आगे भी वे इससे जुड़े रहेंगे।
वे कंपनी की लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी, कल्चर, लीडरशिप डेवलपमेंट और कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़े फैसलों में सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।
अलबिंदर ढींडसा को ही क्यों मिली जिम्मेदारी?
दीपिंदर गोयल के मुताबिक, Blinkit को अधिग्रहण से ब्रेक-ईवन तक पहुंचाने में अलबिंदर ढींडसा की अहम भूमिका रही है। उन्होंने सप्लाई चेन, ऑपरेशनल सिस्टम, टीम और कल्चर को मजबूती दी। गोयल ने उन्हें “battle-hardened founder” बताते हुए उनकी एग्जीक्यूशन क्षमता की तारीफ की।
ESOP और शेयरधारकों को लेकर बड़ा ऐलान
गोयल ने बताया कि उनके सभी अनवेस्टेड ESOPs को वापस ESOP पूल में डाल दिया जाएगा। इसका उद्देश्य भविष्य के लीडर्स के लिए वेल्थ क्रिएशन के अवसर बढ़ाना और बिना अतिरिक्त शेयर डाइल्यूशन के टैलेंट को बनाए रखना है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका वित्तीय भविष्य अब भी एटर्नल के दीर्घकालिक विकास और शेयरधारक मूल्य से जुड़ा रहेगा।
“यह बदलाव सिर्फ टाइटल का है”
अपने संदेश के अंत में गोयल ने कहा कि 18 साल पहले किसी ने नहीं सोचा था कि एक साधारण मेन्यू-स्कैनिंग कंपनी इतनी बड़ी बन जाएगी। उनका सपना अब भी वही है- एटर्नल को भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल करना, एक अरब ग्राहकों तक पहुंचना और लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना।



