Delhi Protest 2026: नई दिल्ली में कड़ी सुरक्षा, 11 मेट्रो स्टेशन बंद; जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले धारा 163 लागू

Delhi Protest 2026: गांधी जयंती पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने बढ़ाई निगरानी, बिना अनुमति सभा, जुलूस, नारेबाजी और भाषण पर रोक; कई प्रमुख इलाकों में सुरक्षा बल तैनात

Delhi Protest 2026:  गांधी जयंती के दिन नई दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने नई दिल्ली जिले के संबंधित इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए हैं। इसके साथ ही जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती की गई है।

पुलिस की ओर से बिना अनुमति भीड़ जुटाने, जुलूस निकालने, धरना देने और सार्वजनिक सभा करने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था बनाए रखना है।

जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं

रिपोर्टों के मुताबिक 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर कई संगठनों की ओर से प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। इनमें आम आदमी पार्टी, छात्र संगठन, नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया और इंडियन यूथ कांग्रेस समेत अन्य समूहों के नाम सामने आए हैं। प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने अनुमति नहीं दिए जाने की जानकारी भी दी है।

प्रदर्शन से पहले ही नई दिल्ली के कई हिस्सों में बैरिकेडिंग और सुरक्षा जांच बढ़ा दी गई। पुलिस ने लोगों से प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन करने की अपील की है।

पोस्टर-बैनर और नारेबाजी पर भी पाबंदी

धारा 163 लागू होने के बाद संबंधित इलाके में बिना अनुमति सार्वजनिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस के आदेश के तहत पोस्टर-बैनर लेकर चलने, नारेबाजी करने और भाषण देने जैसी गतिविधियों पर भी रोक है।

इसके अलावा हथियार अथवा ऐसी वस्तुएं लेकर चलने की अनुमति नहीं है, जिनसे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

11 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद

प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने नई दिल्ली क्षेत्र के 11 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद कर दिया है। DMRC के मुताबिक यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी।

बंद किए गए स्टेशनों में:

  • जनपथ
  • पटेल चौक
  • सेंट्रल सेक्रेटेरिएट
  • राजीव चौक
  • सेवा तीर्थ
  • मंडी हाउस
  • लोक कल्याण मार्ग
  • INA
  • चावड़ी बाजार
  • रामकृष्ण आश्रम मार्ग
  • नई दिल्ली

शामिल हैं।

हालांकि राजीव चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, मंडी हाउस और नई दिल्ली पर यात्रियों के लिए इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहने की जानकारी दी गई है।

ट्रैफिक व्यवस्था में भी किए गए बदलाव

सुरक्षा प्रतिबंधों का असर नई दिल्ली की यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा है। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती से जुड़े कार्यक्रमों के कारण केंद्रीय दिल्ली में सुबह के समय अलग से ट्रैफिक प्रतिबंध भी लागू किए गए हैं। ऐसे में नई दिल्ली आने-जाने वाले लोगों को मार्ग और मेट्रो सेवा की स्थिति देखकर यात्रा करने की सलाह दी गई है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक सार्वजनिक रैलियों और विरोध प्रदर्शनों के लिए ट्रैफिक से संबंधित अनुमति/एनओसी की व्यवस्था भी लागू होती है।

दिल्ली-एनसीआर की सीमाओं पर भी निगरानी

प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली से लगे उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सीमाओं पर भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना अनुमति बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा न हो।

नई दिल्ली के VVIP क्षेत्रों और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों के आसपास भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

हजारों सुरक्षाकर्मियों की तैनाती

जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों की तैनाती की गई है। बैरिकेडिंग के साथ प्रवेश और निकास वाले प्रमुख स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है। रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस को कई हजार लोगों के संभावित जुटने की आशंका थी, जिसके मद्देनजर पहले से सुरक्षा योजना तैयार की गई।

पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल के साथ निगरानी व्यवस्था भी बढ़ाई है।

प्रदर्शन का मुद्दा क्या है?

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक प्रस्तावित प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ था। प्रदर्शन से जुड़े संगठनों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया है और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है। ये आरोप प्रदर्शन का आह्वान करने वाले संगठनों की ओर से लगाए गए हैं।

चुनाव संबंधी मुद्दे को लेकर अलग-अलग राजनीतिक और नागरिक संगठनों की ओर से अपनी-अपनी मांगें और आपत्तियां सामने रखी गई हैं।

पुलिस ने लोगों से क्या कहा?

पुलिस ने आम लोगों से प्रतिबंधित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने और लागू आदेशों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लोगों को यात्रा से पहले वैकल्पिक मार्गों तथा मेट्रो की स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए।

फिलहाल नई दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हैं। प्रदर्शन, यातायात और सार्वजनिक परिवहन को लेकर स्थिति के अनुसार आगे भी बदलाव किए जा सकते हैं।

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