Rust On Iron Kadhai: लोहे की कढ़ाई पर जम गई है जंग? इन आसान उपायों से करें साफ, लंबे समय तक बनी रहेगी चमक
Rust On Iron Kadhai: धोने के बाद बर्तन में न छोड़ें पानी, सूखने पर लगाएं खाने वाले तेल की हल्की परत; कुछ छोटी आदतों से लोहे की कढ़ाई को खराब होने से बचाया जा सकता है
Rust On Iron Kadhai: भारतीय रसोई में लोहे की कढ़ाई का इस्तेमाल कई तरह के पकवान बनाने के लिए किया जाता है। पूड़ी-पकौड़े तलने से लेकर सब्जियां तैयार करने तक, यह बर्तन अपनी मजबूती और उपयोगिता के लिए पसंद किया जाता है। लेकिन सही देखभाल न होने पर इसकी सतह पर नारंगी या भूरे रंग की जंग जमने लगती है। खासतौर पर कढ़ाई को धोने के बाद गीला छोड़ देना या लंबे समय तक पानी में भिगोकर रखना इसकी प्रमुख वजह हो सकती है।
कई लोग जंग दिखाई देने पर कढ़ाई का इस्तेमाल बंद कर देते हैं, जबकि शुरुआती जंग को सही तरीके से साफ किया जा सकता है। इसके साथ ही कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर दोबारा जंग लगने की आशंका भी कम की जा सकती है।
जंग हटाने के लिए अपनाएं सफाई का सही तरीका
अगर लोहे की कढ़ाई पर हल्की जंग दिखाई दे रही है, तो सबसे पहले उसे सामान्य बर्तन धोने वाले साबुन और स्क्रबर की मदद से साफ करें। जंग वाली जगह को अच्छी तरह रगड़ें, ताकि सतह पर जमा परत निकल सके। जरूरत पड़ने पर इस प्रक्रिया को दोहरा सकते हैं।
सफाई के बाद कढ़ाई को साफ पानी से धो लें। इसके तुरंत बाद सूखे कपड़े से अच्छी तरह पोंछें और धीमी आंच पर थोड़ी देर गर्म करें, ताकि बची हुई नमी भी निकल जाए।
ध्यान रखें कि सफाई के बाद कढ़ाई को गीला छोड़ना सही नहीं है। यदि जंग बहुत ज्यादा है या सतह पर गहरे गड्ढे बन गए हैं, तो केवल सामान्य सफाई पर्याप्त नहीं हो सकती।
इस्तेमाल के बाद पानी में भिगोकर न रखें
खाना बनाने के बाद लोहे की कढ़ाई में कई बार भोजन के टुकड़े चिपक जाते हैं। इन्हें हटाने के लिए बर्तन को लंबे समय तक पानी में छोड़ना आसान लग सकता है, लेकिन ऐसा करने से जंग लगने का खतरा बढ़ जाता है।
बेहतर है कि इस्तेमाल के बाद कढ़ाई को जल्द साफ कर लिया जाए। यदि भोजन चिपका हुआ है, तो जरूरत के मुताबिक पानी का इस्तेमाल करें और फिर बर्तन को अच्छी तरह सुखा दें। लंबे समय तक पानी के संपर्क में रहने से बचाना लोहे के बर्तन की देखभाल का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
धोने के बाद पूरी तरह सुखाना न भूलें
लोहे की कढ़ाई पर जंग लगने की प्रमुख वजहों में नमी भी शामिल है। कई बार बर्तन धोकर सीधे रैक में रख दिया जाता है, जिससे उसकी सतह पर पानी बचा रह जाता है।
इससे बचने के लिए कढ़ाई को साफ कपड़े से पोंछें। इसके बाद उसे गैस पर धीमी आंच में एक-दो मिनट गर्म कर सकते हैं, ताकि बची हुई नमी सूख जाए। स्टोर करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि कढ़ाई अंदर और बाहर से पूरी तरह सूखी हो।
तेल की हल्की परत करेगी सतह की देखभाल
लोहे की कढ़ाई को जंग से बचाने के लिए उस पर खाने वाले तेल की पतली परत लगाना भी उपयोगी है। कढ़ाई पूरी तरह सूखने के बाद थोड़ा-सा सरसों का तेल या दूसरा खाद्य तेल लेकर साफ सूती कपड़े से उसकी अंदरूनी सतह पर फैला दें।
तेल की मात्रा बहुत अधिक नहीं होनी चाहिए। हल्की परत सतह को नमी के सीधे संपर्क से बचाने में मदद करती है। नियमित इस्तेमाल के बाद सफाई, सुखाने और जरूरत के अनुसार तेल लगाने की आदत कढ़ाई की देखभाल में सहायक हो सकती है।
टमाटर और सिरके जैसी चीजों के इस्तेमाल में बरतें सावधानी
लोहे की कढ़ाई में खाना बनाते समय सामग्री का ध्यान रखना भी जरूरी है। टमाटर, सिरका और अन्य अम्लीय चीजें लोहे के संपर्क में आने पर प्रतिक्रिया कर सकती हैं। इससे भोजन के स्वाद और बर्तन की सतह पर असर पड़ने की संभावना रहती है।
इसलिए अम्लीय खाद्य पदार्थों को लोहे की कढ़ाई में लंबे समय तक पकाने या रखने से बचें। खाना तैयार होने के बाद उसे दूसरे बर्तन में निकाल लें और कढ़ाई को साफ करके सुखा दें।
कढ़ाई को सही तरीके से स्टोर करें
लोहे के बर्तन को ऐसी जगह रखना बेहतर है जहां नमी जमा न होती हो। कढ़ाई को धोने के बाद गीले बर्तनों के बीच रखने या पानी वाली जगह पर छोड़ने से बचें। यदि कढ़ाई का इस्तेमाल लंबे समय तक नहीं करना है, तो उसे अच्छी तरह सुखाकर उसकी सतह पर तेल की हल्की परत लगा सकते हैं।
याद रखें: लोहे की कढ़ाई की उम्र बढ़ाने के लिए महंगे क्लीनर की जरूरत नहीं होती। समय पर सफाई, पूरी तरह सुखाना और नमी से बचाकर रखना सबसे अहम आदतें हैं। सही देखभाल से जंग लगने की संभावना कम की जा सकती है और बर्तन को लंबे समय तक उपयोग में रखा जा सकता है।



