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जंतर-मंतर मारपीट मामला! स्वतंत्र भारद्वाज एक दिन की पुलिस हिरासत में, विरोध में उतरे हिंदूवादी संगठन

जुलाई में जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान सीजेपी कार्यकर्ता के पिता संजय आजाद से मारपीट के आरोप में बुलंदशहर से हुई थी गिरफ्तारी, कोर्ट ने दी एक दिन की रिमांड

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई कथित मारपीट के मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को अदालत ने एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इस फैसले के बाद राजधानी में सियासी और सामाजिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है।

क्या है पूरा मामला

यह मामला जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान का है, जब एक किशोर कार्यकर्ता के पिता संजय कुमार, जिन्हें संजय आजाद के नाम से भी जाना जाता है, के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। आरोप है कि स्वतंत्र भारद्वाज ने इस घटना को अंजाम दिया।

गिरफ्तारी और कोर्ट में पेशी

दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर स्थित संबंधित न्यायाधीश के आवास पर पेश किया गया, जहां से अदालत ने पुलिस को एक दिन की हिरासत की अनुमति दी।

हिरासत के विरोध में प्रदर्शन

स्वतंत्र भारद्वाज की हिरासत के विरोध में हिंदूवादी संगठनों ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस मामले में SC/ST एक्ट का दुरुपयोग किया जा रहा है।

सोशल मीडिया वीडियो से मामले ने पकड़ा तूल

यह विवाद तब और गहरा गया जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह घटना को लेकर टिप्पणी करते नजर आया। वीडियो में उसने कुछ राजनीतिक हस्तियों से अपने संबंधों का भी जिक्र किया था, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

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भारद्वाज की सफाई

विवाद बढ़ने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने पहले के बयानों पर सफाई देते हुए कहा कि उसकी टिप्पणियां व्यंग्यात्मक लहजे में की गई थीं। उसने मारपीट के आरोप पर कहा कि उसने आत्मरक्षा में प्रतिक्रिया दी थी और जांच में पुलिस का पूरा सहयोग करने की बात कही।

कौन है स्वतंत्र भारद्वाज

स्वतंत्र भारद्वाज मूल रूप से बिहार के दरभंगा का निवासी है और दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रवेश के बाद दिल्ली आया था। वह खुद को हिंदूवादी कार्यकर्ता और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के तौर पर पेश करता है।

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