CWC Meeting : शिक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और राम मंदिर के मुद्दे पर खरगे का सरकार पर हमला, CWC में 2027 की रणनीति पर मंथन

CWC Meeting : CWC बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शिक्षा, रोजगार, युवा, राम मंदिर चंदे और चीन सीमा के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरा। जानिए बैठक की प्रमुख बातें।

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CWC Meeting : कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में हुई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई बैठक में संसद के मानसून सत्र के बाद पार्टी की रणनीति, युवाओं की समस्याओं, शिक्षा और रोजगार, राष्ट्रीय सुरक्षा, राम मंदिर से जुड़े चंदे के विवाद समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। खरगे ने अपने संबोधन में केंद्र की मोदी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए और कांग्रेस से युवाओं के लिए स्पष्ट Education-to-Employment Roadmap तैयार करने का आह्वान किया।

युवाओं और रोजगार को लेकर सरकार पर निशाना

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और युवा देश का भविष्य हैं। उनके मुताबिक, सरकार की नीतियों के कारण युवाओं में निराशा बढ़ी है। उन्होंने शिक्षा और रोजगार की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं के मुद्दों को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं मिल रही है।

खरगे ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने युवाओं को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बड़ी भूमिका देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए। उन्होंने मतदान की उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष करने, नवोदय विद्यालयों के विस्तार और शिक्षा में कौशल विकास को जोड़ने जैसी पहलों का जिक्र किया।

स्कूल बंद होने और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल

कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि हाल के वर्षों में देश में हजारों स्कूल बंद हुए हैं और उच्च शिक्षा महंगी होती जा रही है। उन्होंने शिक्षा संस्थानों में कथित राजनीतिक हस्तक्षेप पर भी सवाल उठाया।

खरगे ने भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, कथित परीक्षा घोटालों और नियुक्तियों में देरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और कमजोर वर्ग के युवाओं पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि युवाओं में पैदा हुआ असंतोष किसी एक दिन का परिणाम नहीं है।

मानसून सत्र को लेकर PM मोदी और अमित शाह पर हमला

खरगे ने आरोप लगाया कि संसद के मानसून सत्र के दौरान सरकार ने युवाओं और शिक्षा से जुड़े सवालों पर विपक्ष की मांगों का पर्याप्त जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने छात्रों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया है और आगे भी इन मुद्दों को अपने राजनीतिक एजेंडे में प्रमुखता देगी।

कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी नेताओं से युवाओं के लिए शिक्षा से रोजगार तक की स्पष्ट, व्यापक और समयबद्ध योजना तैयार करने को कहा।

राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा

CWC बैठक में खरगे ने राम मंदिर से जुड़े चंदे और कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के लोगों ने श्रद्धा के साथ चंदा और अन्य सामग्री दी थी, इसलिए इसके हिसाब-किताब को लेकर पारदर्शिता जरूरी है।

खरगे ने सवाल उठाया कि मंदिर के लिए कितना चंदा, सोना-चांदी और अन्य सामग्री प्राप्त हुई तथा उसका पूरा लेखा-जोखा क्या है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

चीन सीमा के मुद्दे पर सरकार से पारदर्शिता की मांग

राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर खरगे ने चीन के साथ सीमा विवाद और कथित अतिक्रमण से जुड़ी खबरों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, लेकिन सीमा की वास्तविक स्थिति को लेकर देश की जनता को जानकारी मिलनी चाहिए।

खरगे ने 2020 के गलवान संघर्ष के बाद दिए गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का जिक्र करते हुए सरकार से सीमा से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की। उन्होंने सेना के जवानों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि विपक्ष की चिंता सरकार की जवाबदेही को लेकर है।

पांच राज्यों के चुनाव पर कांग्रेस की नजर

बैठक के अंत में खरगे ने कहा कि कांग्रेस को इन मुद्दों पर केवल सवाल उठाने के बजाय देश के सामने ठोस विकल्प, नीति और समाधान भी रखना होगा। उन्होंने बताया कि पार्टी के सामने तत्काल पांच राज्यों के चुनाव हैं और उनकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

CWC की बैठक में युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राष्ट्रीय सुरक्षा और जनता के भरोसे जैसे मुद्दों को कांग्रेस की आगामी राजनीतिक रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

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