Mirzapur Gym Case : जिम की आड़ में चल रहा था धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग का खेल, मोबाइल में मिलीं 50 से अधिक महिलाओं की तस्वीरें

Mirzapur Gym Case : मिर्जापुर में जिम की आड़ में चल रहे कथित धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग रैकेट का खुलासा। मोबाइल में 50+ महिलाओं की तस्वीरें, 6 गिरफ्तार, 2 फरार।

Mirzapur Gym Case : उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में जिम की आड़ में चल रहे कथित धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस को एक मोबाइल फोन में पासवर्ड-प्रोटेक्टेड फोल्डर मिला, जिसमें 50 से अधिक महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो पाए गए हैं। जांच के बाद कई जिमों पर छापेमारी की गई, जिसमें अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक पुलिसकर्मी भी शामिल बताया जा रहा है, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं।

पूरा मामला तब सामने आया, जब एक महिला ने महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन शुरुआती स्तर पर कोई ठोस सबूत नहीं मिला। पूछताछ के दौरान जब संदिग्ध का मोबाइल फोन खंगाला गया, तो उसमें मिले डिजिटल सबूतों ने पूरे नेटवर्क की परतें खोल दीं।

पासवर्ड फोल्डर से खुला राज

पुलिस के अनुसार आरोपी से मोबाइल का पासवर्ड मांगे जाने पर वह घबरा गया। फोल्डर खुलने के बाद उसमें 50 से ज्यादा महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो मिले, जिनमें घूमने-फिरने, यात्राओं और निकाह से जुड़ी तस्वीरें भी शामिल थीं। कई तस्वीरों में महिलाएं बुर्का पहने नजर आईं और अलग-अलग जिमों से जुड़े आरोपियों के साथ मौजूद थीं।

डिजिटल सबूत सामने आने के बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी। इसके बाद मिर्जापुर के कई जिमों पर छापेमारी की गई और एक के बाद एक गिरफ्तारियां हुईं। इसी दौरान कई अन्य महिलाएं भी सामने आईं और बिना अपनी पहचान उजागर किए पुलिस को अपनी आपबीती बताई।

कई जिमों के जरिए चल रहा था कथित नेटवर्क

पुलिस के मुताबिक यह कथित रैकेट KGN 1, KGN 2.0, KGN 3, आयरन फायर और फिटनेस क्लब जैसे जिमों के जरिए संचालित किया जा रहा था। अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक पुलिसकर्मी भी शामिल है। दो आरोपी इमरान और लकी अभी फरार हैं, जिन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है और उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है।

शुरुआत में दो महिलाओं ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जबकि 25 से 30 महिलाओं ने अप्रत्यक्ष रूप से पुलिस तक अपनी शिकायतें पहुंचाईं। जांच में सामने आया है कि आरोपी मुख्य रूप से संपन्न परिवारों की महिलाओं को निशाना बनाते थे।

फ्री जिम ट्रेनिंग से शुरू होता था संपर्क

पुलिस का कहना है कि आरोपी महिलाओं को मुफ्त जिम ट्रेनिंग का लालच देते थे। ट्रेनिंग के दौरान उनकी तस्वीरें ली जाती थीं और फिर नंबर एक्सचेंज किया जाता था। धीरे-धीरे बातचीत निजी होने लगती थी और घूमने-फिरने के बहाने उन्हें बाहर ले जाया जाता था।

जांच में यह भी सामने आया है कि महिलाओं को बुर्का पहनाकर बाजारों, मंदिरों, मजारों और अन्य स्थानों पर ले जाया जाता था और धीरे-धीरे उन्हें प्रभावित करने की कोशिश की जाती थी।

धमकी, पैसे और धर्मांतरण का दबाव

पुलिस का आरोप है कि कथित तौर पर यौन शोषण के बाद महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो सुरक्षित रखे जाते थे। बाद में इन्हीं के जरिए उनसे पैसे की मांग की जाती थी। पैसे न देने पर कथित रूप से धर्मांतरण का दबाव बनाया जाता था। डर के कारण कुछ महिलाओं ने पैसे दिए, जबकि कुछ मामलों में धर्मांतरण भी कराया गया।

एसएसपी के अनुसार मोबाइल फोल्डर मिलने के बाद पूरे नेटवर्क के खिलाफ ठोस सबूत हाथ लगे हैं। महिलाओं को घुमाने-फिराने में इस्तेमाल की गई गाड़ियां भी बरामद की गई हैं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

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