NEET Paper Leak: NTA के एक्सपर्ट्स ने ही लीक किया था पेपर? CBI चार्जशीट में बड़ा खुलासा

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI की चार्जशीट से NTA की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, गोपनीय सेक्शन में काम करने वाले तीन विषय विशेषज्ञों ने कथित तौर पर प्रश्नपत्र की जानकारी बाहर पहुंचाई।

NEET Paper Leak: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI की चार्जशीट से बड़ा खुलासा सामने आया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, प्रश्नपत्र प्रिंटिंग प्रेस से लीक होने के बजाय NTA के गोपनीय काम से जुड़े विशेषज्ञों के जरिए बाहर पहुंचा। चार्जशीट में तीन विषय विशेषज्ञों पर प्रश्नपत्र की जानकारी अलग-अलग तरीकों से बाहर ले जाने का आरोप लगाया गया है।

CBI की जांच में NTA के गोपनीय सेक्शन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई गंभीर सवाल सामने आए हैं। एजेंसी के मुताबिक, गोपनीय अनुभाग से बाहर निकलते समय विशेषज्ञों की तलाशी की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा इस पूरे हिस्से की लाइव CCTV मॉनिटरिंग के लिए अलग कंट्रोल रूम भी मौजूद नहीं था।

कैसे बाहर निकाली गई प्रश्नपत्र की जानकारी?

CBI के अनुसार, आरोपियों ने प्रश्नों को बाहर ले जाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए। एक आरोपी ने कथित तौर पर प्रश्नों को कागज की छोटी-छोटी पर्चियों पर लिखकर छिपाया, जबकि दो अन्य आरोपियों ने प्रश्नों को याद किया और बाद में होटल लौटकर उन्हें लिख लिया। कुछ मामलों में NCERT की पुस्तकों में संबंधित विषयों के अंश भी चिन्हित किए गए।

जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपियों ने NTA के गोपनीय काम के दौरान मिले अपने एक्सेस का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया। इसमें प्रश्नों के अनुवाद, बैक-ट्रांसलेशन और प्रूफरीडिंग जैसी प्रक्रियाएं शामिल थीं।

CCTV व्यवस्था पर भी उठे सवाल

CBI की चार्जशीट के मुताबिक, NTA के CCTV सिस्टम में केवल करीब 20 से 25 दिनों तक का बैकअप उपलब्ध था। NEET-UG से संबंधित गोपनीय काम 7 अप्रैल 2026 को पूरा हुआ था, जबकि CBI ने इस मामले में 12 मई 2026 को केस दर्ज किया।

जांच के दौरान संबंधित अवधि का CCTV फुटेज उपलब्ध नहीं होने के कारण एजेंसी को आरोपियों की गतिविधियों की निगरानी और जांच में परेशानी का सामना करना पड़ा। CBI के मुताबिक, गोपनीय विंग में लाइव CCTV मॉनिटरिंग की व्यवस्था का अभाव सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी खामी थी।

केमिस्ट्री के सवालों को भी नोट किया गया

चार्जशीट में आरोपी पी.वी. कुलकर्णी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। CBI के अनुसार, उन्होंने गोपनीय सेक्शन में उपलब्ध कराई गई सादे कागज की शीट पर केमिस्ट्री के प्रश्न और उनके विकल्प संक्षेप में लिखे थे।

जांच एजेंसी का आरोप है कि आरोपियों ने परीक्षा से पहले प्रश्नों की जानकारी बाहर पहुंचाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की खामियों का फायदा उठाया।

छात्रों को हाथ से नोट्स तैयार करने को कहा गया

CBI के मुताबिक, इस मामले में प्रश्नों की जानकारी छात्रों तक पहुंचाने के लिए पुणे में कथित तौर पर गुप्त रिवीजन सेशन आयोजित किया गया। इन सेशन में छात्रों को प्रश्न, चार विकल्प और सही उत्तर बताए गए।

जांच के अनुसार, छात्रों को प्रश्न और उत्तर हाथ से नोटबुक में लिखने के लिए कहा गया, ताकि किसी तरह का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार न हो। CBI अब इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

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NTA की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल

CBI की चार्जशीट में सामने आए तथ्यों ने देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि आखिर NTA के गोपनीय सेक्शन में काम करने वाले विशेषज्ञों की गतिविधियों पर पर्याप्त निगरानी क्यों नहीं थी और संवेदनशील प्रश्नपत्र से जुड़े काम के दौरान तलाशी जैसी बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था क्यों मौजूद नहीं थी।

हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा। फिलहाल CBI की जांच में सामने आए तथ्यों ने NEET-UG परीक्षा की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर बहस को और तेज कर दिया है।

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