Road Accident : नेपाल से यूपी तक हादसों का कहर, 31 की मौत और कई घायल
Road Accident : नेपाल में बस त्रिशूली नदी में गिरने से 18 मौत, लखनऊ के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 7 की जान गई। सोनभद्र और रामपुर में भी हादसों में कई मौतें। पढ़ें पूरी खबर।
Road Accident : सोमवार का दिन नेपाल से लेकर उत्तर प्रदेश तक कई दर्दनाक हादसों के नाम रहा। अलग-अलग सड़क और प्राकृतिक दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान चली गई, जबकि दर्जनों घायल हो गए।
Nepal में बस त्रिशूली नदी में गिरी, 18 की मौत
नेपाल के धादिंग जिले में पर्यटक शहर पोखरा से काठमांडू जा रही एक यात्री बस चरौदी चौक के पास चिनाधारा इलाके में अनियंत्रित होकर Trishuli River में गिर गई। हादसे में 18 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस ओवरलोड थी और सड़क निर्माण कार्य के कारण मार्ग जर्जर व घुमावदार था। नेपाल सेना और पुलिस ने राहत-बचाव अभियान चलाकर शव और घायलों को बाहर निकाला। सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
Purvanchal Expressway पर बस पलटी, 7 की मौत
राजधानी लखनऊ के गोसाईगंज क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा के पास बिहार जा रही स्लीपर कोच बस पलट गई। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 से अधिक यात्री घायल हुए हैं।
गंभीर घायलों को सीएचसी गोसाईगंज से King George’s Medical University (केजीएमयू) ट्रामा सेंटर रेफर किया गया। पुलिस और आपदा राहत बल मौके पर राहत कार्य में जुटे रहे। बस पानीपत से बिहार के अररिया जा रही थी।
सोनभद्र में मिट्टी का टीला धंसा, 3 महिलाओं की मौत
सोनभद्र जिले के म्योरपुर थाना क्षेत्र के किरवानी जंगल में घर की पुताई के लिए मिट्टी लेने गई पांच महिलाओं पर अचानक मिट्टी का टीला धंस गया। हादसे में तीन महिलाओं की मौत हो गई, जबकि दो घायल हैं।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि जेसीबी की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। मृतकों की पहचान शदीकुन निशा, अलीशा खातून और सीता के रूप में हुई है।
रामपुर में परीक्षा देने जा रहे तीन छात्रों की मौत
रामपुर जिले में बोर्ड परीक्षा देने जा रहे चार छात्रों की बाइक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। हादसे में तीन छात्रों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। मृतकों की पहचान अरुण, विनय और मनु के रूप में हुई है। पुलिस ने ट्रैक्टर चालक की तलाश शुरू कर दी है।
इन घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा, ओवरलोडिंग और निर्माणाधीन सड़कों पर लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



