New Delhi News-ऊर्जा साझेदारी का विस्तारः अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत को बताया ‘रिफाइनिंग सुपरपावर’
New Delhi News – Expansion of Energy Partnership: US Secretary of State terms India a ‘refining superpower’
New Delhi News-भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के साथ ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा के दौरान व्यापार, रक्षा, तकनीक और ऊर्जा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरे में भारत की तेल शोधन क्षमता और वैश्विक ऊर्जा बाजार में उसकी भूमिका भी चर्चा के केंद्र में रही।
जयशंकर के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा
भारत यात्रा के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मुंबई में भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की। बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विचार किया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विस्तार से बातचीत हुई। दोनों देशों ने प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर चल रही वार्ता में प्रगति का स्वागत किया और इसे जल्द पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई।
बैठक के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। दोनों देशों ने 21वीं सदी के लिए भारत-अमेरिका साझेदारी को आगे बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया।
‘फ्रीडम 250’ कार्यक्रम में भी शामिल हुए दोनों नेता
मार्को रुबियो और डॉ. एस. जयशंकर ने मुंबई में अमेरिकी राजदूत की ओर से आयोजित ‘यूएस फ्रीडम 250 रिसेप्शन’ में भी भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जयशंकर ने भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत बनाने में मुंबई की भूमिका का उल्लेख किया।
उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह कार्यक्रम ऐसे समय में आयोजित हुआ, जब दोनों देश आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को विस्तार देने की दिशा में काम कर रहे हैं।
जामनगर रिफाइनरी पहुंचे मार्को रुबियो
मुंबई में बैठकों के बाद मार्को रुबियो गुजरात के जामनगर पहुंचे। यहां उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के तेल शोधन परिसर का दौरा किया। यह परिसर अपनी विशाल क्षमता और आधुनिक तकनीक के लिए जाना जाता है।
दौरे के दौरान रुबियो ने भारत की औद्योगिक क्षमता और तेल शोधन क्षेत्र में उसकी उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने भारत को रिफाइनिंग के क्षेत्र में एक बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि देश की विशाल प्रसंस्करण क्षमता वैश्विक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
वैश्विक बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों, खासकर डीजल की आपूर्ति को लेकर चुनौतियों के बीच भारत की रिफाइनिंग क्षमता का महत्व बढ़ जाता है। भारत कच्चे तेल को विभिन्न पेट्रोलियम उत्पादों में बदलकर घरेलू जरूरतों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी आपूर्ति करता है।
भारत-यूएई सहयोग पर भी हुई चर्चा
इसी दौरान डॉ. एस. जयशंकर ने संयुक्त अरब अमीरात के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से भी मुलाकात की। जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बैठक की जानकारी साझा करते हुए बताया कि ऊर्जा, कनेक्टिविटी और समकालीन घटनाक्रमों पर उपयोगी चर्चा हुई।
भारत, अमेरिका और यूएई के बीच ऊर्जा तथा आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दे क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन बैठकों से विभिन्न देशों के बीच संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाने के प्रयासों का संकेत मिलता है।
कुल मिलाकर, मार्को रुबियो की भारत यात्रा में रणनीतिक संबंधों, व्यापार वार्ता और ऊर्जा सहयोग को प्रमुखता मिली। आने वाले समय में इन चर्चाओं का वास्तविक प्रभाव व्यापार समझौते की प्रगति और ऊर्जा क्षेत्र में आपसी सहयोग से स्पष्ट होगा।
रिपोर्ट: शाश्वत तिवारी



