New Delhi News-54 देशों से गुजरा तिरंगे का सफर, सूर्यपथ ग्लोबल रिले ने दिखाया भारत का वैश्विक प्रभाव
New Delhi News-भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित ‘सूर्यपथ तिरंगा ग्लोबल रिले’ ने देश की सांस्कृतिक कूटनीति और वैश्विक जुड़ाव का अनूठा संदेश दिया। भारत के राष्ट्रीय ध्वज की यह विशेष यात्रा एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चली और इसमें दुनिया के अलग-अलग टाइम जोन में स्थित 54 देशों को जोड़ा गया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह रिले फिजी की राजधानी सुवा स्थित भारतीय उच्चायोग से शुरू हुई। इसके बाद तिरंगे का सफर न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, खाड़ी देशों और यूरोप होते हुए आगे बढ़ा। लगभग 19 घंटे तक चले इस अभियान का समापन अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास में हुआ।
54 राजनयिक मिशनों ने लिया हिस्सा
इस अभियान के दौरान दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में स्थित 54 भारतीय राजनयिक मिशनों ने क्रमवार ध्वजारोहण किया। समय क्षेत्र बदलने के साथ तिरंगे की यात्रा भी आगे बढ़ती रही। इस तरह एक देश से शुरू हुआ यह अभियान कई महाद्वीपों और देशों को जोड़ते हुए अमेरिका तक पहुंचा।
‘सूर्यपथ तिरंगा ग्लोबल रिले’ का आयोजन विदेश मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत किया गया। इसका उद्देश्य विदेशों में भारत की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना और भारतीय समुदाय के साथ जुड़ाव को बढ़ावा देना था।
प्रवासी भारतीयों को जोड़ने की पहल
इस रिले के जरिए दुनिया के विभिन्न देशों में रह रहे भारतीय समुदाय और भारत के मित्रों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक साझा भावनात्मक सूत्र से जोड़ने का प्रयास किया गया। अलग-अलग महाद्वीपों में तिरंगे को सम्मान देने की तस्वीरों ने भारत के प्रति गौरव और जुड़ाव की भावना को भी सामने रखा।
भारत की इस पहल को सांस्कृतिक कूटनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 54 देशों को जोड़ने वाले इस अभियान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संस्कृति, एकता और सहयोग की भावना को प्रदर्शित किया। साथ ही, विदेशों में रहने वाले भारतीयों के बीच देश के प्रति भावनात्मक जुड़ाव को और मजबूत करने का संदेश भी दिया।
Read Also-Ghosi News-घोसी तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस, 42 शिकायतों में 2 का मौके पर निस्तारण



