Prayagraj News : कोर्ट का बड़ा आदेश, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन शोषण मामले में FIR दर्ज करने के निर्देश

Prayagraj News : प्रयागराज की एडीजे रेप एवं पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों में झूंसी थाना पुलिस को FIR दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।

Prayagraj News : प्रयागराज की एडीजे रेप एवं पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों के मामले में अहम आदेश जारी किया है। अदालत ने झूंसी थाना पुलिस को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विधिवत विवेचना करने के निर्देश दिए हैं।

एडीजे पॉक्सो एक्ट विनोद कुमार चौरसिया ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जाए। कोर्ट के आदेश के बाद झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। माना जा रहा है कि इस फैसले से शंकराचार्य की कानूनी चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का पक्ष

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें फर्जी बताया है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दायर किया गया है और सच्चाई जांच में सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि न्यायालय इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करे। साथ ही उन्होंने उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि उन्हें सामान्य पुलिस जांच पर भरोसा नहीं है। उन्होंने जांच में सहयोग देने की भी बात कही।

अर्जी और आरोप

शाकुंभरी पीठाधीश्वर एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट से जुड़े आशुतोष ब्रह्मचारी ने 28 जनवरी को धारा 173(4) के तहत अर्जी दाखिल कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। उनका आरोप है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आश्रम में नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण हुआ। उन्होंने अदालत में एक सीडी प्रस्तुत करने का भी दावा किया है।

नाबालिगों के बयान दर्ज

13 फरवरी को मामले में कथित दो नाबालिगों के बयान अदालत में वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किए गए थे। पुलिस रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को संज्ञान में लेने के बाद अदालत ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया है।

आशुतोष ब्रह्मचारी की प्रतिक्रिया

कोर्ट के आदेश के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने संतोष जताते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिला है। उन्होंने प्रयागराज से विद्या मठ वाराणसी तक पैदल यात्रा निकालने की घोषणा की, ताकि वे अपने आरोपों से संबंधित तथ्यों को जनता के सामने रख सकें।

फिलहाल मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस जांच की प्रक्रिया शुरू होगी और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।

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