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Ram Mandir के पहले CEO बने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, ट्रस्ट में 3 नए सदस्य भी शामिल

राम मंदिर ट्रस्ट ने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला CEO नियुक्त किया; मदन मोहन पांडेय, महेश भागचंदका और निर्मला यादव को नए सदस्य बनाया गया।

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी CEO के नाम का ऐलान कर दिया है। ट्रस्ट ने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला CEO नियुक्त किया है। यह फैसला बुधवार को अयोध्या की मणिरामदास छावनी में हुई ट्रस्ट की अहम बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।

CEO की नियुक्ति के साथ ट्रस्ट ने तीन नए सदस्यों को शामिल करने की भी घोषणा की है। इनमें अयोध्या के मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचंदका और निर्मला यादव शामिल हैं।

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर के पहले CEO

राम मंदिर के व्यवस्थित और कुशल संचालन के लिए ट्रस्ट ने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को CEO की जिम्मेदारी सौंपी है। भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक का अनुभव रखने वाले जितेंद्र मिश्रा ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।

मिश्रा ने 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन हासिल किया था। अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने 18 से अधिक प्रकार के विमानों पर उड़ान भरी और 3,000 घंटे से ज्यादा का उड़ान अनुभव हासिल किया।

बड़े पदों पर काम करने का अनुभव

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में कमांडिंग-इन-चीफ स्तर की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने एकीकृत रक्षा स्टाफ में उप प्रमुख (सिद्धांत, संगठन एवं प्रशिक्षण) जैसे महत्वपूर्ण पद पर भी काम किया है।

उन्हें भारत के अलावा अमेरिका और ब्रिटेन के प्रतिष्ठित रक्षा संस्थानों में प्रशिक्षण हासिल करने का अनुभव भी है। माना जा रहा है कि बड़े संगठनों के संचालन, नेतृत्व और विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय का उनका अनुभव राम मंदिर के प्रबंधन में उपयोगी साबित होगा।

देवरिया के गांव से वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व तक का सफर

जितेंद्र मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भाटपाररानी क्षेत्र के भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं। छोटे से गांव से निकलकर भारतीय वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचने के बाद अब उन्हें अयोध्या के राम मंदिर के पहले CEO की जिम्मेदारी मिली है।

उनकी नई भूमिका इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि राम मंदिर अब निर्माण के साथ-साथ बड़े धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।

राम मंदिर CEO के सामने होंगी ये बड़ी जिम्मेदारियां

राम मंदिर के CEO के सामने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी। मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, कर्मचारियों का प्रबंधन, मंदिर परिसर की सुविधाएं, विभिन्न सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय और भविष्य की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी।

ऐसे में सैन्य सेवा से मिले अनुशासन और प्रशासनिक अनुभव को CEO की भूमिका के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों की भी नियुक्ति

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में तीन नए सदस्यों के नामों की भी घोषणा की गई है। अयोध्या के मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचंदका और निर्मला यादव को ट्रस्ट में शामिल किया गया है।

इसके साथ ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में अब नए सदस्यों के जुड़ने से प्रशासनिक और प्रबंधन स्तर पर भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

राम मंदिर के संचालन में नए दौर की शुरुआत

CEO की नियुक्ति को राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे के लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है। निर्माण कार्य के साथ अब मंदिर के दीर्घकालिक संचालन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और बड़े स्तर पर प्रबंधन को लेकर भी नई व्यवस्था विकसित की जा रही है।

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के अनुभव के साथ अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था किस तरह आगे बढ़ती है।

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