Sonbhadra News-खनिज जांच टीमों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
Sonbhadra News-प्रदेश की योगी सरकार द्वारा अवैध खनन एवं परिवहन पर रोक लगाने के लिए “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के निदेशालय द्वारा प्रत्येक माह जनपद सोनभद्र में जांच टीम भेजी जाती है।
हालांकि, जिले के ट्रक मालिकों ने इन जांच टीमों की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जांच टीम द्वारा बालू व गिट्टी लदी ट्रकों को रोकने के लिए जिस तरीके का इस्तेमाल किया जाता है, वह अनुचित और खतरनाक है। आरोप है कि टीम के कुछ सदस्य ट्रकों को रोकने के लिए पत्थरों का उपयोग करते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
ट्रक मालिक देवेन्द्र प्रताप सिंह सहित अन्य ट्रक मालिको का यह भी आरोप है कि जांच के दौरान कुछ मामलों में अवैध रूप से “सेटिंग” (समझौता) करने का दबाव बनाया जाता है। यदि ट्रक मालिक इस तरह के समझौते के लिए तैयार हो जाते हैं तो उन्हें छोड़ दिया जाता है, अन्यथा उनके खिलाफ चालान काटने के साथ-साथ वाहन मालिक और चालक के नाम एफआईआर दर्ज कराई जाती है।
यह भी आरोप लगाया गया है कि वैध रूप से खनिज परिवहन करने वाले ट्रक मालिकों को भी परेशान किया जाता है, जबकि गलत तरीके से परिवहन करने वालों से कथित रूप से समझौता कर लिया जाता है।
ट्रक मालिकों ने यह भी कहा कि यदि कोई “सेटिंग” नहीं करता है, तो उस पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाकर फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया जाता है।
इस पूरी कार्यप्रणाली को लेकर ट्रक मालिकों में आक्रोश है और उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।



