Tadiyawan Cold Storage Mau: कभी किसानों की शान था टडियांव कोल्ड स्टोरेज, आज खंडहर और चोरों का अड्डा बना

बच्चा पाठक के कार्यकाल में बनी सहकारी इमारत बदहाल, खाद-बीज के लिए कोपागंज और घोसी जाने को मजबूर किसान

Tadiyawan Cold Storage Mau: कभी क्षेत्र की कृषि व्यवस्था की पहचान और किसानों की आर्थिक मजबूती का आधार रहा टडियांव कोल्ड स्टोरेज आज बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। जिस परिसर में कभी किसानों की भीड़, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और बैलगाड़ियों की लंबी कतारें दिखाई देती थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा रहता है। रखरखाव के अभाव में यह ऐतिहासिक सहकारी भवन खंडहर में तब्दील हो चुका है और स्थानीय लोगों के अनुसार असामाजिक तत्वों व चोरों का अड्डा बन गया है।

स्थानीय बुजुर्गों और किसानों के मुताबिक कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन सहकारिता मंत्री बच्चा पाठक की पहल पर इस कोल्ड स्टोरेज का निर्माण कराया गया था। उस समय यह केवल आलू भंडारण केंद्र ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा था। फसल कटाई के मौसम में यहां आलू रखने के लिए दूर-दूर से किसान पहुंचते थे और कई किलोमीटर तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों तथा बैलगाड़ियों की कतारें लगी रहती थीं। इस सुविधा से किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने और बेहतर मूल्य मिलने में मदद मिलती थी।

समय के साथ आलू भंडारण की व्यवस्था बंद हो गई, लेकिन किसानों के लिए यह परिसर पूरी तरह बेकार नहीं हुआ था। यहां से लंबे समय तक डीएपी और यूरिया खाद का वितरण होता रहा, जिससे आसपास के गांवों के किसानों को काफी राहत मिलती थी। हालांकि पिछले दो-तीन वर्षों से खाद वितरण भी पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

खाद वितरण बंद होने के बाद टडियांव और आसपास के दर्जनों गांवों के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब उन्हें यूरिया और डीएपी लेने के लिए कोपागंज और घोसी तक जाना पड़ता है। किसानों का कहना है कि लंबी दूरी तय करने के बावजूद कई बार खाद उपलब्ध नहीं हो पाती और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है, जिससे समय और आर्थिक नुकसान दोनों उठाने पड़ते हैं।

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क्षेत्रीय किसानों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि चुनाव के समय किसानों के हितों की बात करने वाले जनप्रतिनिधि अब इस महत्वपूर्ण सरकारी संपत्ति और किसानों की समस्याओं पर चुप्पी साधे हुए हैं। किसानों का आरोप है कि न तो किसी जनप्रतिनिधि ने कोल्ड स्टोरेज के पुनरोद्धार की पहल की और न ही प्रशासन ने परिसर की सुरक्षा या रखरखाव के लिए कोई ठोस कदम उठाया। देखरेख के अभाव में भवन जर्जर हो चुका है और परिसर में रखे कई कीमती सामान भी चोरी हो चुके हैं।

किसानों की मांग है कि टडियांव कोल्ड स्टोरेज का जल्द से जल्द जीर्णोद्धार कराया जाए। साथ ही यहां खाद-बीज वितरण केंद्र को दोबारा शुरू किया जाए ताकि क्षेत्र के किसानों को समय पर कृषि संसाधन उपलब्ध हो सकें और उन्हें दूसरे कस्बों के चक्कर न लगाने पड़ें। किसानों का मानना है कि यदि इस ऐतिहासिक सहकारी भवन को फिर से उपयोग में लाया जाए तो इससे पूरे क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को नई मजबूती मिल सकती है।

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