Global Tariff 2026 : US ने सभी इंपोर्ट पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाया, ट्रंप के 15% वादे से कम दर लागू

Global Tariff 2026 : US ने सभी गैर-छूट इंपोर्ट पर 10% ग्लोबल टैरिफ लागू किया। डोनाल्ड ट्रंप का यह कदम 15% वादे से कम है और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उठाया गया है। जानिए पूरा मामला।

Global Tariff 2026 : United States Customs and Border Protection (US कस्टम्स) ने उन सभी आयात (इंपोर्ट) पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लागू कर दिया है, जो किसी विशेष छूट के दायरे में नहीं आते। यह दर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा पहले घोषित 15% लेवी से कम है।

आधी रात से लागू हुआ नया टैरिफ

US कस्टम्स के नोटिस में कहा गया है कि आयात पर “10% का अतिरिक्त एड वैलोरम रेट” लगाया जाएगा। यह कदम 20 फरवरी 2026 की प्रेसिडेंशियल प्रोक्लेमेशन के संदर्भ में जारी गाइडेंस का हिस्सा है। नए टैरिफ की वसूली आधी रात से शुरू हो गई, जबकि पहले लगाए गए टैरिफ रद्द कर दिए गए हैं।

15% बढ़ोतरी बाद में संभव?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने संकेत दिया है कि 15% तक की बढ़ोतरी बाद में की जा सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इससे पहले ट्रंप ने पहले 10% और फिर 15% तक टैरिफ बढ़ाने की बात कही थी।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बदली रणनीति

हाल ही में Supreme Court of the United States ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया कि ट्रंप प्रशासन ने 1977 के कानून के तहत इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल कर जो टैरिफ लगाए थे, वह अधिकार क्षेत्र से बाहर थे। इस फैसले के बाद 10% से 50% तक के पहले के टैरिफ रुक गए।

इसके जवाब में ट्रंप ने 1974 के ट्रेड एक्ट के सेक्शन 122 के तहत नया 10% अतिरिक्त टैरिफ लागू किया। यह प्रावधान राष्ट्रपति को “गंभीर बैलेंस-ऑफ-पेमेंट घाटे” या “अंतरराष्ट्रीय भुगतान समस्याओं” से निपटने के लिए 150 दिनों तक सभी देशों पर अस्थायी ड्यूटी लगाने की अनुमति देता है। इसकी अवधि केवल अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी से बढ़ाई जा सकती है।

ट्रंप का बयान

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने कहा कि इस निर्णय से उन्हें “और अधिक शक्ति” मिली है और वह विदेशी देशों के साथ सख्ती से निपट सकते हैं।

नए 10% ग्लोबल टैरिफ से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ने की संभावना है, खासकर उन देशों पर जिनका निर्यात अमेरिका पर निर्भर है।

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