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काकोरी एक्शन की वर्षगांठ: शहीदों को सीएम योगी ने किया नमन, काकोरी पर डाक टिकट जारी

लखनऊ: काकोरी कांड की वर्षगांठ (Kakori Train Action) पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐतिहासिक काकोरी शहीद स्मारक पर पहुंचकर क्रांतिकारियों और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. साथ ही देश के वीर शहीदों एवं शहीद सैनिकों के परिजनों को मंच पर सम्मानित किया.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ वर्षगांठ पर शहीद स्मारक स्थल काकोरी पहुंचकर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी. इस अवसर पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, मंत्री जयवीर सिंह, पूर्व मंत्री आशुतोष टंडन, पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह, मेयर संयुक्ता भाटिया, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे. साथ ही उस अवसर पर सीएम ने डाक टिकट जारी कर प्रदर्शनी का लोकार्पण किया.
इस अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज काकोरी एक्शन की वर्षगांठ के अवसर पर ‘भारत माता’ के वीर सपूतों को नमन करता हूं, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी. उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव मनाने का कार्यक्रम किया जा रहा है. ‘हर घर तिरंगा’ फहराने का अभियान चलाया जाएगा. इस कार्यक्रम के माध्यम से हम आजादी के रणबांकुरों को याद करेंगे. आजादी का अमृत महोत्सव स्वाधीनता की याद दिलाता है. इसी कड़ी में काकोरी ट्रेन एक्शन की याद में आज यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है.
उन्होंने कहा कि क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों के खिलाफ बिगुल फूंका था. देश की स्वाधीनता से बढ़कर कुछ नहीं हो सकता. ये अमृत महोत्सव हम सबको आगे बढ़ने का मौका देता है और देश भक्ति की भावना से ओतप्रोत करती है. दुनिया को अहसास कराने का अवसर है कि किसी भी धर्म जाति मजहब से हटकर राष्ट्रधर्म से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की परिकल्पना को साकार करने की जरूरत है. जाति धर्म के भाव से हटकर राष्ट्रधर्म के प्रति समर्पित होने की जरूरत है. जिसका जो दायित्व है. वह करे. भारत दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनकर ऊभरेगा. यह विश्वास हम सबको है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्रांतिकारियों के समूह ने देश में क्रांति की ज्वाला को बनाए रखने के लिए ये संघर्ष किया था. देश कभी झुका नहीं था, 1857 में स्वाधीनता संग्राम की मेरठ की आग लौ को आगे बढ़ाया था और इसके बाद ब्रिटिश हुकूमत को हिलाने काम काकोरी ट्रेन कांड से किया. जब देश अपनी आजादी महोत्सव से जुड़ा हुआ है तो 1857 का संग्राम हो या कोई अन्य कार्यक्रमों से हमें अहसास होता है कि देश की रक्षा के लिए सबने बढ़कर हिस्सा लिया था. प्रत्येक नागरिक ने एकजुट होकर देश के लिए काम किया और उसके बाद आजादी मिली. हम सबको ये भाव बनाए रखने की जरूरत है. देश के बारे में अच्छा करने के बारे में सोचना चाहिए.
सीएम योगी ने इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामकृष्ण खत्री आश्रित उदय खत्री, रोशन सिंह के परिजन जितेंद्र प्रताप सिंह, मेजर रितेश शर्मा के पिता सत्य प्रकाश शर्मा, शहीद कैप्टन मनोज पांडेय के पिता गोपीचंद पांडेय, मेजर अमीय त्रिपाठी के बड़े भाई अजय त्रिपाठी समेत अन्य क्रांतिकारियों के परिजनों को स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानित भी किया.
दरअसल, आजादी के 75वी वर्षगांठ का उत्सव देश ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के रूप में मना रहा है. जिसका उद्देश्य युवाओं को आजादी के महत्व एवं बलिदानियों के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी देना है, ताकि युवा वर्ग उनके गुणों को आत्मसात कर सके. इसके तहत जन आंदोलन, भारत का स्वर्णिम इतिहास, उसके विकास के बारे में बताया जा रहा है. इसके अलावा भारत की वैश्विक पहचान आदि के बारे में भी जानकारी दी जा रही है.

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