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महिलाओं के लिए योजनाएं बनाने में यूपी नम्बर 1

महिला स्वावलंबन के लिए सीएम योगी ने लागू की कई योजनाएं

दूसरे राज्यों की अपेक्षा यूपी में महिलाओं के लिए हैं ज्यादा योजनाएं

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की महिलाएं प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं। योगी सरकार द्वारा चलाई जा रही विद्युत सखी, सरकारी उचित दर की दुकान के आवंटन में महिलाओं को वरीयता समेत तमाम अन्य योजनाओं ने प्रदेश की महिलाओं को अग्रिम पायदान पर लाकर खड़ा कर दिया है। यह वह योजनाएं हैं जो पूरे देश में प्रदेश की महिलाओं को नई पहचान दिला रही हैं। इस तरह की योजनाएं उत्तर प्रदेश के अलावा किसी अन्य राज्य में नहीं चलाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश की महिलाओं को स्वावलंबी, आत्मनिर्भर, रोजगार देने और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसी दिशा में योगी सरकार की ओर से महिलाओं के लिए खास तरह से डिजाइन की गई योजनाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा।

विद्युत सखी योजना ने जीवन को दी नई राह
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनआरएलएम को महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई योजनाओं को डिजाइन करने के निर्देश दिये थे। इस पर उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने महिलाओं के लिए विद्युत सखी योजना को डिजाइन किया गया। इसके लिए 1 फरवरी 2020 को विद्युत विभाग के साथ एमओयू साइन किया गया। पहले चरण में इसे पायलेट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के 8 जनपदों में शुरू किया गया। इसकी सफलता के बाद इसे पूरे प्रदेश में अगस्त 2020 को लागू किया गया। इसके बाद निजी बैंक से नवंबर 2021 में एमओयू साइन किया गया। इस दौरान विद्युत सखी के लिए ऐप विकसित किया गया ताकि उन्हे विद्युत उपकेंद्र के चक्कर न लगाने पड़े। वहीं विद्युत सखी के लिए स्वयं सहायता समूह की 15521 महिलाओं को चयनित किया गया, जिसमें से 9288 विद्युत सखियां सक्रिय हैं। इन सखियों ने अब तक 226.3 करोड़ रुपये का बिजली बिल जमा कराकर 3.16 करोड़ रुपये कमीशन प्राप्त कर अपना और परिवार का जीवन रौशन किया है।

सरकारी उचित दर की दुकानों के आवंटन में महिलाओं को प्रथम वरीयता
सीएम योगी ने प्रदेश की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए 7 जुलाई 2020 को सस्ते गल्ले की दुकान योजना के तहत उचित दर दुकान (कोटे) को महिलाओं को प्रथम वरीयता के आधार पर आवंटित करने के निर्देश दिए। एनआरएलएम के तहत अब तक स्वयं सहायता समूह को 2085 उचित दर की दुकान आवंटित की जा चुकी है। इन दुकानों से 20850 महिलाएं जुड़ी हैं। इससे प्रदेश की महिलाएं न केवल अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं बल्कि अन्य महिलाओं के लिए मिसाल भी बन रही हैं। योजना से जुड़ी महिलाएं अन्य महिलाओं को भी योगी सरकार की योजनाएं से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

योगी सरकार हर वर्ग, हर तबके की महिलाओं का रख रही ख्याल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर वर्ग-हर तबके की महिलाओं को रोजगार के साधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालयों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी महिलाओं को सौंपी है। वर्तमान समय में प्रदेश में 58 हजार सामुदायिक शौचालय संचालित हो रहे हैं। इन शौचालयों का रखरखाव और संचालन करीब 50 हजार से अधिक महिलाएं कर रही हैं। इसके लिए शौचालय की महिला केयर टेकर को योगी सरकार की ओर से हर माह 6 हजार और इसका संचालन करने वाली महिलाओं को हर माह नौ हजार रुपये दिए जा रहे हैं।

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