adevertisment Adevertiisment banner

वाराणसी के डीएम का तबादला निरस्त, कुशीनगर के डीएम बने रहेंगे राजलिंगम

लखनऊ: वाराणसी डीएम कौशल राज शर्मा और कुशीनगर डीएम राजलिंगम का तबादला निरस्त कर दिया गया है. वहीं, उन्नाव डीएम रवींद्र कुमार का तबादला कुशीनगर के लिए रद्द कर दिया गया है. रवींद्र कुमार विशेष सचिव खाद्य एवं रसद बने रहेंगे.

काफी लंबे समय से वाराणसी जिलाधिकारी के पद पर कार्य कर रहे कौशल राज शर्मा का तबादला 24 घंटे में ही निरस्त कर दिया गया. उन्हें वापस बनारस के डीएम की जिम्मेदारी सौंप दी गई है, लेकिन योगी सरकार ने शायद इस आदेश को वापस लेना. इसलिए मुनासिब समझा होगा. क्योंकि कौशल राज शर्मा ने अपने कार्यकाल के दौरान बनारस को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है. कोविड-19 से लेकर बनारस में होने वाले कई बड़े आयोजन में कौशल राज शर्मा की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है.

शायद यही वजह है कि स्मार्ट सिटी योजना के क्रियान्वयन से लेकर शहर में चल रहे तमाम विकास कार्यों को सही तरीके से आगे बढ़ाने समय पर कार्यों को पूरा करने और कोविड-19 के दौर में जब अधिकारी अपने कार्यालय से ही चीजों को संचालित करना बेहतर समझ रहे थे. उस वक्त भी अस्पतालों का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लेने और अपनी परवाह किए बिना बेहतर प्रबंधन का कार्य करने के लिए उन्हें सरकार की तरफ से पुरस्कृत भी किया गया था. इसके अलावा हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें पुरस्कृत किया है. जिसकी वजह से मुख्यमंत्री योगी ने उन्हें प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र बनारस की ही जिम्मेदारी सौंपने का फैसला लिया है और शुक्रवार को दिए गए उनके तबादले के आदेश को निरस्त कर उन्हें एक बार फिर बनारस के जिला अधिकारी के तौर पर ही काबिज रहने के आदेश दिए हैं.

शुक्रवार को प्रदेश सरकार की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक 2006 बैच के आईएएस कौशल राज शर्मा का तबादला प्रयागराज में कमिश्नर के तौर पर किया गया था. कौशल राज शर्मा ने नवंबर 2019 में वाराणसी के जिलाधिकारी का कार्यभार ग्रहण किया था. शुक्रवार को हुए तबादले के बाद कौशल राज शर्मा को नई जिम्मेदारी मिली थी. जबकि वाराणसी के जिलाधिकारी के पद पर एस. राजलिंगम को तैनात किया गया था. हालांकि सरकार ने अब अपना फैसला बदल दिया है और IAS कौशल राज शर्मा वाराणसी के जिलाधिकारी के पद पर ही तैनात रहेंगे.

‘वाराणसी डीएम के कार्य से सीएम योगी खुश‘
डीएम कौशल राज शर्मा की गिनती यूपी कैडर के कुशल अफसरों में होती है. कोरोना काल के दौरान उनके मैनेजमेंट को लखनऊ से लेकर दिल्ली तक वाहवाही मिली थी. पीएम स्वनिधि योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों सम्मानित भी हो चुके हैं. इसके अलावा अप्रैल के महीने में वाराणसी को कोविड-19 को लेकर एक अवार्ड और वाराणसी स्मार्ट सिटी क्रियान्वयन के लिए 4 अवार्ड भी मिल चुके हैं. लगातार जिलाधिकारी वाराणसी कौशल राज शर्मा की देखरेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई अन्य महत्वपूर्ण दौरे भी बनारस में हो चुके हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हर निरीक्षण के दौरान बनारस में चल रहे विकास कार्यों को लेकर भी संतुष्ट दिखाई दिए हैं. माना जा रहा है कि इसकी वजह से ही बनारस जैसी महत्वपूर्ण जगह पर अनुभवी अधिकारी को मुख्यमंत्री योगी ने अपने आदेश को निरस्त किया है.

Related Articles

Back to top button