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आप आए बहार आई, शिव भक्तों की सेवा में दिखाई दी हिंदू-मुस्लिम एकता

लायक हुसैन, गाजियाबाद। इसी का नाम है आपसी भाईचारा, एक मुस्लिम तो तीन हर दिल अजीज हिंदू भाई पढ़े साथ बढ़े साथ और जब बात आई आस्था की तो वहां पर भी खड़े साथ,, बहारों फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है ठीक इस गीत पर ही सबकुछ बाग-बाग हो गया, जी हां हम बात कर रहे हैं गाजियाबाद के उन चार भाईयों की जिसमें एक मुस्लिम जिनका नाम है राजा सैफी, और तीन हमारे अजीज हिंदू भाई जिनमें एक पायलट प्रदीप त्यागी जी हैं और दूसरे सुरेन्द्र त्यागी जी व तीसरे धीरेन्द्र त्यागी जी हैं, अब आप समझिए पूरा ताना-बाना इन चार भाईयों की ऐसी दांत काटी दोस्ती जोकि एक मिसाल बन गई, दरअसल यह समय सावन माह का है और इस माह का बड़ा ही महत्व होता है, इस माह में कांवड यात्रा के लिए हमारे अजीज हिंदू भाई हरिद्वार से पवित्र गंगा जल लेने के लिए हर वर्ष सिर्फ एक बार ही जाते हैं और यह मौका अगर कहा जाए तो नसीब वालों को ही भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद से मिलता है, और हरिद्वार से पैदल चलकर इस पवित्र नगरी से पवित्र गंगा जल लेकर आते हैं, और इन्हीं भक्तों की सेवा में गाजियाबाद में साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल कायम करते हुए प्रसिद्ध व्यवसायी व समाज सेवक श्री राजा सैफी ने कांवड यात्रा के दौरान कांवडियों की सेवा के लिए अपने दोस्तों संग मिलकर शिव भक्तों की सेवा के साथ-साथ भक्तों के लिए बेहतर इलाज की भी वयवस्था का काम किया है, और इसी के साथ अपने अधिकांश मुस्लिम भाइयों की टीम के साथ रोड पर शिविर लगाकर सभी कांवडिये शिव भक्तों पर पूरी टीम के साथ गुलाब के पुष्पों की वर्षा कर समूचे देश को यह संदेश दे दिया है कि हम सब एक हैं, बस हमें अपनी मानसिकता को बदलना होगा,  कांवडियों की खानपान से लेकर हर तरह की तमाम जरूरतों को पूरा करने के जज्बे को देख गाजियाबाद से लेकर दूर-दराज के आला अफसरों ने भी इन सबकी तारीफ की है,

उनके इस जज्बे को देखकर प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी भी उनके लगाए हुए शिविर पर पहुंच रहे हैं, और उनके जज़्बे की प्रशंसा कर रहे हैं, जाहिर तौर पर ऐसे व्यक्ति की प्रशंसा होनी चाहिये चूंकि वह इस लायक हैं, आपको बता दें कि राजा सैफी के द्वारा हाथ में तिरंगा लेकर  अपनी टीम के साथ लहराते हुए कांवड के साथ देखा जा सकता है,

ऐसे साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल बने राजा सैफी की आखिर कौन तारीफ नहीं कर रहा है, और इसे महसूस करते हुए हमारे एक काबिल अजीज हिंदू भाई दोस्त कहते हैं कि हमारा नाम ना छापना लेकिन राजा सैफी ने गाजियाबाद में लोगों की जुबान पर भाईचारा कायम करा दिया, इस बक्त गाजियाबाद में कानाफूसी करके भी शायद इन चार भाईयों की तारीफ ही हो रही होगी।

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