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सीतापुर: सफेद हाथी साबित हो रही सेवता में बनी पानी की टंकी, जानें वजह?

सीतापुर। सेवता विधानसभा होने के बाद भी यहां लोगों के लिए मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। सेवता कस्बे में पेयजल की सबसे बड़ी दिक्कत है। लोगों का कहना है कि अधिकांश सरकारी हैंडपंप खराब पड़े हैं। जिससे लोगों को काफी दुश्वारियां हो रही हैं। सेवता के लोगों को स्वच्छ पेयजल मिल सके, इसके लिए वर्ष 2012 में पानी की टंकी का निर्माण कार्य शुरू करवाया गया था। यह पानी की टंकी 2015 में बन कर तैयार हो गई थी, लेकिन सेवता के लोगों को पानी की इस टंकी से एकबूंद पानी भी नसीब नहीं हुआ।

स्थानीय लोगों के मुताबिक पानी टंकी की टेस्टिंग के समय ही पाइप लाइन में लीकेज हो गयी। लीकेज को ढूंढने के लिए कस्बे की सारी सड़के खोद डाली गयीं। उसके बाद सड़के आज भी जस की तस है। सड़को की भी मरम्मत नहीं करायी गयी। जिससे उन सड़को पर कीचड़ व गंदा पानी भर रहा है। कस्बा सेउता के लोंगो ने बताया कि टंकी के लगभग सैकड़ा कनेक्शन भी चुके है।

कस्बे के निवासी अटल पोरवाल, अनुराग शुक्ला, शुएब, लक्ष्मीकांत मौर्य, अनुराग शुक्ला, खालिद रजा, मिश्री लाल, बीरेंद्र मौर्य, राम सिंह, मोहित तिवारी, सचिन मौर्य, कौशल मौर्य आदि लोंगो ने बताया की टंकी भ्र्ष्टाचार की भेंट चढ़ गयी है और न ही टंकी चलाई जाती है और न ही पाइप लाइन ठीक कराई गई है। लोंगो का मानना है कि यदि पानी की टंकी चल जाये तो समस्या नहीं होगी। कस्बे के लोंगो ने निगम के अधिकारियों से पाइप लाइन सही कराकर टंकी चलवाने की मांग की है।

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