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Mahakumbh Mela-आस्था और भक्ति के साथ ही मानव कल्याण का भी माध्यम बना महाकुम्भ

Mahakumbh Mela- महाकुम्भ-2025 आस्था और भक्ति के साथ ही मानव कल्याण का भी बड़ा मंच बनकर उभरा है। महाकुम्भ मेला क्षेत्र में प्रतिदिन बड़े स्तर पर निशुल्क भंडारा वितरण, श्रद्धालु आवास, कंबल वितरण के साथ ही दिव्यांगों की सेवा में भी विभिन्न प्रकार की संस्थाएं सेवारत हैं। इसी कड़ी में नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर द्वारा बड़े स्तर पर गरीबों, जरूरतमंदों और दिव्यांगों की सेवा निरंतर की जा रही है। एक ओर, दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी समेत हाई क्वॉलिटी आर्टिफिशियल लिंब्स मुफ्त में उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं संगम में पवित्र डुबकी लगाने, भोजन व आवास की उचित व्यवस्था महाकुम्भ में उपलब्ध कराने की दिशा में भी संस्थान द्वारा बड़े स्तर पर कार्य किया जा रहा है।
सेक्टर 18 में स्वामी अवधेशानंद गिरि के शिविर के सामने स्थित नारायण सेवा संस्थान का यह शिविर मानव कल्याण की दिशा में अद्भुत कार्य कर रहा है। महाकुम्भ में अब तक संस्थान के द्वारा दिव्यांगों को करीब 50 ट्राई साइकिल, 150 से ज्यादा आर्टिफीशियल लिंब्स, वितरित किए जा चुके हैं। बड़े पैमाने पर लोग यहां फिजियोथैरेपी के लिए जुट रहे हैं। भक्तों के लिए भागवत, रामकथा जैसे धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। संस्थान के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि हाई क्वॉलिटी आर्टिफिशियल लिंब्स दिव्यांगों के लिए विशेष रूप से सहायक हैं, क्योंकि बाजार से खरीदने पर यह काफी महंगा आता है मगर महाकुम्भ क्षेत्र में वह जरूरतमंद दिव्यांगों को इसे मुफ्त में प्रदान कर रहे हैं। इसके साथ ही विभिन्न प्रकार की जनकल्याणकारी गतिविधियों को 70 सदस्यीय टीम द्वारा प्रतिदिन सुनिश्चित किया जा रहा है।

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नारायण सेवा संस्थान मकर संक्रांति 14 जनवरी से निरंतर महाकुंभ में महापुण्य प्राप्ति के लिए लंगर, भंडारा, कपड़े और कंबल का नि:शुल्क वितरण बड़ी संख्या में कर रहा है। वहीं, सैकड़ों लोगों को नि:शुल्क आवास की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है जिसमें संस्थान के दानी लोग आ रहे हैं। संस्थान द्वारा हजारों लोगों को मां गंगा, जमुना, सरस्वती संगम की डुबकी का मौका भी उपलब्ध कराया जा रहा है और महाकुम्भ काल में हजारों श्रद्धालुओं को लाभान्वित करने का प्रयास जारी है।
संस्थान निदेशक वंदना अग्रवाल और पलक अग्रवाल के अनुसार, हम दिव्यांग बंधु-बहिनों को मदद पहुंचाकर गंगा की डुबकी भी लगवा रहे है और कई दिव्यांगों को ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी भी प्रदान कर रहे हैं। विशेष रूप से दुर्घटना में दिव्यांग हुए सभी आयु वर्ग के बंधु-बहनों का महाकुम्भनगर में ही माप लेकर उन्हें नि:शुल्क मॉड्यूलर कृत्रिम पैर और हाथ लगाए जा रहे हैं तथा उन्हें ट्रेनिंग भी दी जा रही है। अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि संस्थान की टीम निर्वाणी पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर कैलाश जी महाराज की प्रेरणा और आशीर्वाद से अमृत स्नान का हिस्सा बनी। उनके अनुसार, यहां हजारों संत, महंत, साधु, श्रद्धालुओं के दर्शन आशीर्वाद पाकर अभिभूत हूं। यह महाकुम्भ हम सब में ऊर्जा-सकारात्मक का संचार कर प्रगति के मार्ग प्रशस्त करेगा।

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