National News: ऊना की गूंज: 10 साल बाद भी इंसाफ अधूरा, राहुल गांधी ने सरकार पर उठाए सवाल

दलित पीड़ितों से मुलाकात के बाद Rahul Gandhi का बड़ा बयान—“न्याय के लिए अब भी भटक रहे हैं परिवार”

गुजरात के चर्चित ऊना कांड को एक दशक बीत चुका है, लेकिन पीड़ितों को अब भी न्याय का इंतजार है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर 10 साल बाद भी पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटकने को क्यों मजबूर हैं।

दर्द जो अब भी ताजा है

2016 में सामने आए ऊना कांड ने पूरे देश को झकझोर दिया था। दलित समुदाय के लोगों के साथ हुई बर्बरता ने समाज और व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। समय बीतने के साथ उम्मीद थी कि पीड़ितों को न्याय मिलेगा, लेकिन हालात आज भी पूरी तरह नहीं बदले हैं। यही वजह है कि यह मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा में है।

राहुल गांधी की मुलाकात और प्रतिक्रिया

हाल ही में Rahul Gandhi ने गुजरात से आए दलित और आदिवासी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में ऊना कांड के पीड़ित और उनके परिवार के सदस्य भी शामिल थे। मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि यह अनुभव बेहद पीड़ादायक था।

उन्होंने कहा कि पीड़ितों की आपबीती सुनकर साफ लगता है कि आज भी समाज के कमजोर वर्गों को न्याय पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उनके मुताबिक, यह केवल एक घटना नहीं बल्कि व्यवस्था की उस कमजोरी को दिखाता है, जहां न्याय मिलने में सालों लग जाते हैं।

सरकार पर सीधा हमला

राहुल गांधी ने केंद्र की Bharatiya Janata Party सरकार और गुजरात की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में दलितों और आदिवासियों के साथ भेदभाव और हिंसा की घटनाएं चिंताजनक हैं। उन्होंने इसे “अन्यायपूर्ण मॉडल” करार दिया और कहा कि यह संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस विकास मॉडल की बात की जाती है, उसमें समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा और सम्मान को नजरअंदाज किया जा रहा है। राहुल गांधी का कहना है कि न्याय में देरी, न्याय से इनकार के बराबर है।

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संवैधानिक मूल्यों पर चिंता

अपने बयान में राहुल गांधी ने संविधान और उसके मूल्यों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर किसी समाज में एक वर्ग लगातार उत्पीड़न का शिकार हो और उसे समय पर न्याय न मिले, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरे की बात है।

उनके मुताबिक, देश में समानता और न्याय की जो भावना संविधान में दी गई है, वह तभी मजबूत होगी जब हर नागरिक को बिना भेदभाव के न्याय मिलेगा।

न्याय की लड़ाई जारी रखने का ऐलान

विपक्ष के नेता के तौर पर राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों की आवाज को दबने नहीं देगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक ऊना कांड के पीड़ितों को उनका हक और सम्मान नहीं मिल जाता।

Written By: Anushri Yadav

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