Heavy-Rain: महाराष्ट्र के विदर्भ में मूसलाधार बारिश से तीन दिनों में 10 की मौत, कई गांव जलमग्न

Heavy Rain: Torrential rains in Maharashtra's Vidarbha region claim 10 lives in three days; several villages inundated.

Heavy-Rain:महाराष्ट्र के विदर्भ के कई जिलों में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से अब तक अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। भारी बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश, उफनती नदियों और अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की घटनाओं में कई गांवों का सडक़ संपर्क टूट गया है, हजारों हेक्टेयर में खड़ी खरीफ की फसलें जलमग्न हो गई हैं और राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।

महाराष्ट्र के आपातकालीन विभाग से रविवार को मिली जानकारी के अनुसार भारी बारिश से सबसे दर्दनाक हादसा यवतमाल जिले में हुआ, जहां पानी से भरे पुल को पार करते समय एक कार तेज बहाव में बह गई। इस हादसे में माधवी अविनाश खंडारे (40) और उनकी दो बेटियों प्राची खंडारे (17) तथा साची खंडारे (12) की डूबने से मौत हो गई। कार चला रहे अविनाश खंडारे (45) किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे और उनका इलाज दारव्हा उप-जिला अस्पताल में चल रहा है।

गढ़चिरौली जिले की कुरखेड़ा तहसील के खेड़ेगांव में शनिवार को सती नदी में नहाने गए चार बच्चों में से तीन की डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान लक्ष्मण दूधकंवर (7), कुणाल दूधकंवर (5) और मोहित हिवराज (11) के रूप में हुई है। वहीं 13 वर्षीय अविश विनोद अमले झाड़ी का सहारा लेकर बच गया, जिसे बाद में स्थानीय मछुआरों ने सुरक्षित बाहर निकाला। भंडारा जिले की लाखंदूर तहसील के मंडेड़ गांव में पानी से भरे नाले को पार करने की कोशिश में 66 वर्षीय बुजुर्ग बह गए और उनकी मौत हो गई। वहीं, पौनी तहसील के कुडेगांव गांव में 30 वर्षीय किसान प्रमोद ईश्वर ठाकरे गोसीखुर्द सिंचाई परियोजना की नहर के पास फिसलकर दलदल में गिर गए, जिससे उनकी जान चली गई।

वर्धा जिले में हिंगनघाट के पास बारिश से उफनते नाले को पार करते समय स्कूल शिक्षक बी. नारंजे बह गए। जिला कलेक्टर वनमथी चंद्रशेखर ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं बुलढाणा जिले के शेगांव क्षेत्र के फुलेनगर में लगातार बारिश के कारण एक मकान की दीवार गिरने से 85 वर्षीय सरस्वती गोतिराम पलहाड़े की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने उन्हें मलबे से बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

लगातार बारिश से विदर्भ में खेती को भी भारी नुकसान पहुंचा है। हाल ही में बोई गई खरीफ की फसलें बड़े पैमाने पर पानी में डूब गई हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है। गढ़चिरौली सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल है, जहां नदियों का जलस्तर बढऩे से दर्जनों गांवों का संपर्क कट गया है। जिले में 24 सडक़ें बंद कर दी गई हैं, जबकि भामरागढ़ तहसील में पिछले 24 घंटों के दौरान करीब 200 मिमी बारिश दर्ज की गई। नागपुर मंडल की आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदारी ने बताया कि प्रशासन राहत और पुनर्वास कार्य में पूरी तत्परता से जुटा है। जिला प्रशासन और राज्य आपदा मोचन बल ने संयुक्त अभियान चलाकर कुंभी गांव में फंसे तीन लोगों को नाव के जरिए सुरक्षित निकाला। वहीं भामरागढ़ तहसील के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से करीब 700 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पानी से डूबे पुलों और सडक़ों को पार करने का प्रयास न करें। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी भी जानलेवा साबित हो सकती है। बचाव दल हाई अलर्ट पर हैं और विदर्भ के सभी प्रभावित जिलों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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