Ramanand Sagar Ramayan: टीवी के लोकप्रिय धारावाहिक रामायण में भरत का किरदार निभाने वाले संजय जोग आज भी दर्शकों के दिलों में बसे हुए हैं। इस धारावाहिक का निर्माण प्रसिद्ध निर्देशक रामानंद सागर ने किया था, जिसने कई कलाकारों की जिंदगी बदल दी।
खेती करने वाले युवक की ऐसे बदली किस्मत
संजय जोग का जन्म 24 सितंबर 1955 को नागपुर, महाराष्ट्र में हुआ था। शुरुआत में वे एक किसान थे और खेती से जुड़े हुए थे। हालांकि, उन्हें अभिनय में रुचि थी, जिसके चलते वे आगे की पढ़ाई के लिए मुंबई पहुंचे। यहां उन्होंने अभिनय का प्रशिक्षण लिया और फिल्मों में काम करने की कोशिश शुरू की।
पहली फिल्म फ्लॉप, डिप्रेशन का सामना
अभिनय करियर की शुरुआत में उन्हें एक मराठी फिल्म मिली, लेकिन वह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी। इस असफलता का असर उनके जीवन पर पड़ा और वे मानसिक तनाव में चले गए। इसके बाद उन्होंने कुछ समय के लिए अभिनय से दूरी बनाकर अपने घर लौटकर फिर से खेती का काम संभाल लिया।
रामायण में ‘भरत’ बनकर मिली असली पहचान
बाद में उन्हें फिर से अभिनय का मौका मिला और इसी दौरान उन्हें रामायण में भरत का किरदार निभाने का अवसर मिला। इस भूमिका ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। उनकी भावनात्मक अभिनय शैली ने दर्शकों को काफी प्रभावित किया और उनका किरदार आज भी याद किया जाता है।
दर्दनाक बीमारी ने छीन ली जिंदगी
करियर के अच्छे दौर के बीच ही उनकी जिंदगी ने दुखद मोड़ लिया। 27 नवंबर 1995 को लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारी के कारण संजय जोग का निधन हो गया। उनकी असमय मृत्यु ने उनके प्रशंसकों को गहरा दुख पहुंचाया।
Also Read: मऊ। ब्राह्मण विकास परिषद के तत्वाधान में आभा मैरिज हाल मऊ में परशुराम जयंती का भव्य आयोजन
आज भी याद किए जाते हैं ‘भरत’ के रूप में
भले ही संजय जोग आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन रामानंद सागर की रामायण में निभाया गया उनका ‘भरत’ का किरदार आज भी दर्शकों की यादों में जीवित है। उनकी कहानी संघर्ष, मेहनत और किस्मत के बदलाव की मिसाल मानी जाती है।