Crime News: आधी रात का कॉल, टूटता हुआ मन और एक दर्दनाक अंत! जज अमन शर्मा सुसाइड केस में चौंकाने वाले खुलासे

सफदरजंग में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की आत्महत्या से उठे सवाल—परिवार ने लगाया मानसिक उत्पीड़न का आरोप, पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी

Delhi Crime News: राजधानी दिल्ली के Safdarjung इलाके से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां 30 वर्षीय ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट Aman Kumar Sharma ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। उनका शव उनके ही फ्लैट के बाथरूम में फंदे से लटका मिला। इस घटना ने न केवल परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि न्यायिक व्यवस्था में बढ़ते मानसिक दबाव और व्यक्तिगत संघर्षों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आधी रात का फोन और टूटती उम्मीदें

मृतक के पिता के मुताबिक, घटना से कुछ घंटे पहले ही अमन का फोन आया था। उन्होंने भावुक होकर कहा था—“पापा, अब जीना मुश्किल हो गया है।” यह सुनते ही पिता तुरंत अलवर से दिल्ली के लिए रवाना हुए और देर रात बेटे के पास पहुंचे।

परिवार का कहना है कि घर पहुंचने पर अमन बेहद तनाव में थे और रो रहे थे। उन्होंने बताया कि पिछले दो महीनों से उनकी पत्नी के साथ लगातार विवाद चल रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से टूट चुके थे।

परिवार के गंभीर आरोप

अमन के पिता ने बहू और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अमन की पत्नी स्वाति, जो खुद न्यायिक सेवा में हैं, के साथ उनका रिश्ता तनावपूर्ण हो गया था। साथ ही, साली निधि—जो एक आईएएस अधिकारी हैं—का घर में काफी दबदबा था और फैसले उन्हीं के अनुसार होते थे।

पिता के मुताबिक, जब उन्होंने बहू से बात करने की कोशिश की तो उन्हें घर से निकल जाने और पुलिस बुलाने की धमकी दी गई। रिश्तेदारों से मदद मांगने पर भी कोई साथ नहीं आया। इस दौरान घर में लगातार तनाव और बहस का माहौल बना रहा।

बाथरूम से आई आखिरी आवाज

घटना वाली रात अचानक अमन घर से नजर नहीं आए। कुछ देर बाद उनका फोन बाथरूम में बजता हुआ मिला। दरवाजा तोड़कर देखा गया तो वह पत्नी की चुन्नी से फंदे पर लटके हुए थे। यह दृश्य परिवार के लिए किसी सदमे से कम नहीं था।

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काबिल जज, लेकिन निजी जिंदगी में संघर्ष

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अमन कुमार शर्मा ने 19 जून 2021 को दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विस जॉइन की थी। उन्होंने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट और सिविल जज के रूप में कई मामलों की सुनवाई की थी। वे Delhi Judicial Services का हिस्सा थे और हाल ही में Karkardooma Court में डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DLSA) के फुल-टाइम सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने पुणे के Symbiosis Law School से कानून की पढ़ाई की थी।

पुलिस जांच जारी, हर पहलू पर नजर

मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और हर पहलू से जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट या अन्य साक्ष्य मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी साजिश के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं।

मानसिक दबाव पर उठे सवाल

यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि न्यायिक और प्रशासनिक सेवाओं जैसे प्रतिष्ठित क्षेत्रों में काम करने वाले लोग भी किस तरह के मानसिक दबाव और निजी संघर्षों से गुजरते हैं। बाहरी तौर पर मजबूत दिखने वाले लोग अंदर से कितने टूटे हो सकते हैं, यह इस घटना से साफ झलकता है।

जज अमन शर्मा की मौत सिर्फ एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं है, बल्कि यह समाज और सिस्टम के लिए एक चेतावनी भी है। जरूरत है कि मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक विवाद और पेशेगत तनाव जैसे मुद्दों को गंभीरता से लिया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

Written By: Anushri Yadav

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