Crime News Update: नासिक TCS धर्मांतरण केस में नया खुलासा! आरोपी निदा खान को AIMIM पार्षद मतीन पटेल ने दी पनाह?

फरारी के दौरान लगातार ठिकाने बदल रही थी निदा खान, अब पुलिस खंगाल रही पूरे नेटवर्क की कड़ियां

Crime News Update:  महाराष्ट्र के नासिक में सामने आए चर्चित TCS धर्मांतरण मामले में अब एक नया और बड़ा खुलासा सामने आया है। मामले की मुख्य आरोपी मानी जा रही निदा खान को कथित तौर पर छत्रपति संभाजीनगर में AIMIM पार्षद मतीन पटेल के घर में पनाह मिलने की जानकारी सामने आई है। इस खुलासे के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने AIMIM पार्षद मतीन पटेल को नोटिस जारी किया है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे मामले में उनके संभावित संबंधों और भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस जल्द ही उनका मोबाइल फोन जब्त कर कॉल डिटेल्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर सकती है।

10 दिनों तक घर में छिपी रही निदा खान

जांच में यह बात भी सामने आई है कि निदा खान करीब 10 दिनों तक उसी घर में रह रही थी। इस दौरान वह किन-किन लोगों के संपर्क में रही, इसकी भी विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े संभावित कनेक्शनों को खंगालने में जुटी हुई है।

7 मई की रात हुई गिरफ्तारी

निदा खान को नासिक पुलिस ने 7 मई की देर रात करीब 11:30 बजे छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव इलाके से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो विशेष टीमें भेजी गई थीं, जिनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। फिलहाल उसे नासिक रोड पुलिस स्टेशन में रखा गया है, जहां उससे लगातार पूछताछ जारी है।

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कौन है निदा खान?

निदा खान TCS की निलंबित कर्मचारी बताई जा रही है, जो कंपनी की नासिक यूनिट में कार्यरत थी। उस पर महिला कर्मचारियों पर इस्लामिक रीति-रिवाजों को अपनाने के लिए दबाव डालने, नमाज पढ़ने, विशेष प्रकार के कपड़े पहनने, मानसिक प्रताड़ना, यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।

इस मामले में पुलिस पहले ही छह कर्मचारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसियों के अनुसार, निदा खान इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी मानी जा रही है।

मार्च से थी फरार

पुलिस के मुताबिक, मामला सामने आने के बाद से ही निदा खान जांच एजेंसियों की रडार पर थी। 25 मार्च के बाद वह लगातार फरार चल रही थी और अपने करीबी लोगों की मदद से ठिकाने बदल रही थी। इस दौरान उसने अग्रिम जमानत हासिल करने की भी कोशिश की, लेकिन अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी।

अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान उसे किस-किस का सहयोग मिला और क्या इस मामले में कोई बड़ा संगठित नेटवर्क सक्रिय था।

Written By: Anushri Yadav

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