CJP प्रदर्शन पर सियासत तेज! सोनम वांगचुक को मेदांता भेजने का HC का आदेश, घायलों से मिले राहुल-प्रियंका
दिल्ली हाईकोर्ट ने मेडिकल निगरानी में इलाज जारी रखने के निर्देश दिए, विपक्ष ने पुलिस कार्रवाई और छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
दिल्ली में CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन को लेकर जारी तनाव के बीच मंगलवार को कई अहम घटनाक्रम सामने आए। एक ओर दिल्ली हाईकोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश दिया, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पुलिस कार्रवाई में घायल लोगों से मिलने अस्पताल पहुंचे। इन घटनाओं के बाद प्रदर्शन और उससे जुड़े राजनीतिक विवाद ने नया मोड़ ले लिया है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान निर्देश दिया कि सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थानांतरित किया जाए। अदालत ने यह भी कहा कि उनके सभी मेडिकल रिकॉर्ड नए अस्पताल को उपलब्ध कराए जाएं और इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों का एक पैनल बनाया जाए। अदालत ने यह सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया कि उनका उपचार लगातार मेडिकल निगरानी में जारी रहे।
उधर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल ने राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचकर उन लोगों का हालचाल जाना, जो सोमवार के प्रदर्शन के दौरान घायल हुए थे। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सरकार से पूरे मामले पर जवाब देने की मांग की।
विपक्ष के कई नेताओं ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि संसद ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का सबसे बड़ा मंच है और छात्रों के प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई तथा हिंसा जैसे मामलों पर खुली बहस होनी चाहिए। वहीं केसी वेणुगोपाल, भूपेश बघेल, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी सरकार पर प्रदर्शनकारियों से समय रहते संवाद न करने का आरोप लगाया।
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सरकार की कार्यशैली की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की आवाज को इस तरह दबाना स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के मुद्दों पर संवेदनशीलता दिखाने के बजाय दमनात्मक रवैया अपना रही है।
इस बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके भी आंदोलन में घायल हुए छात्रों से मिले। कई प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि वे दोबारा आंदोलन में शामिल होंगे और अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे।
दिल्ली में CJP आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। एक तरफ अदालत ने सोनम वांगचुक के इलाज को लेकर अहम निर्देश दिए हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष पुलिस कार्रवाई और छात्रों के मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में इस पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी रहेगी।



