Paper Leak Law: पेपर लीक पर सरकार का बड़ा एक्शन, 10 साल की जेल और 1 करोड़ जुर्माने की तैयारी
NEET पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में बड़े संशोधन की तैयारी में है। प्रस्तावित बदलावों के तहत सजा और जुर्माना दोनों कई गुना बढ़ाए जा सकते हैं।
Paper Leak Law: देशभर में NEET पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, 24 जुलाई को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। मंजूरी मिलने के बाद सरकार मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में संशोधन विधेयक संसद में पेश कर सकती है।
क्या होंगे नए प्रस्तावित बदलाव?
प्रस्तावित संशोधनों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति पेपर लीक का दोषी पाया जाता है, तो उसे 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ तक का जुर्माना हो सकता है।
फिलहाल लागू कानून के तहत पेपर लीक जैसे अपराधों में 3 से 5 साल की कैद और 10 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है। नए संशोधन के जरिए सजा और आर्थिक दंड दोनों को काफी सख्त करने की तैयारी है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट को भी मिल सकते हैं अधिक अधिकार
सरकार केवल सजा बढ़ाने तक सीमित नहीं रहना चाहती। सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट बैठक में यह भी विचार हो सकता है कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाले फास्ट ट्रैक कोर्ट को अतिरिक्त अधिकार दिए जाएं, ताकि ऐसे मामलों का जल्द निपटारा हो और दोषियों को समय पर सजा मिल सके।
PM मोदी ने पहले ही दिए थे संकेत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को जारी अपने वीडियो संदेश में कहा था कि सरकार पेपर लीक रोकने के लिए कड़े कदम उठाएगी। उन्होंने संकेत दिया था कि सजा को और कठोर बनाने के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा और उसके बाद संसद से इसे पारित कराने का प्रयास होगा।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि पेपर लीक जैसे मामलों की सुनवाई तेज गति से होनी चाहिए, ताकि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो और दोषियों में कानून का डर पैदा हो।
NEET विवाद के बीच बढ़ा दबाव
सरकार का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब NEET परीक्षा विवाद को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध जारी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर लगातार सरकार पर हमला बोल रहा है।
इसी आंदोलन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी। सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
अगर कानून में संशोधन होता है तो क्या बदलेगा?
यदि प्रस्तावित संशोधन संसद से पारित हो जाता है, तो पेपर लीक और परीक्षा में धांधली से जुड़े मामलों में दोषियों के खिलाफ पहले से कहीं अधिक कठोर कार्रवाई की जा सकेगी। सरकार का मानना है कि इससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।



