Sonam Wangchuk: वांगचुक के अनशन खत्म होने पर बढ़ी सियासी तकरार, केजरीवाल के पोस्ट पर BJP का पलटवार
सोनम वांगचुक के 26 दिन बाद अनशन समाप्त करने पर आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने स्वागत किया, लेकिन उनके बयान को लेकर बीजेपी ने तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया दी।
Sonam Wangchuk: NEET विवाद को लेकर 26 दिनों तक भूख हड़ताल पर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बाद अब इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा वांगचुक के फैसले का स्वागत किए जाने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा हमला बोला है।
बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर केजरीवाल को निशाने पर लेते हुए तंज कसा और कहा कि क्या “तिहाड़ रिटर्न अब CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के ऑफिशियल स्पॉन्सर बन गए हैं?”
केजरीवाल ने क्या कहा था?
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वह सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के फैसले का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि “देश के लिए सोनम वांगचुक की जिंदगी और सेहत बेहद महत्वपूर्ण है।”
इसके साथ ही उन्होंने CJP द्वारा घोषित देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए लोगों से उसमें शामिल होने की अपील भी की।
अमित मालवीय का पलटवार
केजरीवाल की पोस्ट के बाद बीजेपी नेता अमित मालवीय ने उन पर निशाना साधते हुए तीखी टिप्पणी की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अरविंद केजरीवाल अब CJP के “ऑफिशियल स्पॉन्सर” बन चुके हैं। मालवीय की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर दोनों दलों के समर्थकों के बीच बहस तेज हो गई।
26 दिन बाद खत्म हुआ सोनम वांगचुक का अनशन
सोनम वांगचुक ने NEET विवाद और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी। सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में जूस पीकर अपना अनशन समाप्त किया।
वांगचुक के अनुसार, सरकार ने छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं करने, पीड़ित परिवारों को सहायता देने और परीक्षा प्रणाली में सुधार पर संसद में चर्चा कराने सहित उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है।
CJP का प्रदर्शन रहेगा जारी
हालांकि सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है, लेकिन CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ किया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर संगठन का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।



