Monsoon Session: राज्यसभा में पेश हुआ ‘वंदे मातरम् बिल’, राष्ट्रीय गीत के अपमान पर सख्त सजा का प्रस्ताव

मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में सरकार ने 'राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश किया। प्रस्तावित कानून में 'वंदे मातरम्' को भी राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानूनी संरक्षण के दायरे में लाने का प्रावधान है।

Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार (24 जुलाई) को राज्यसभा में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने ‘राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश किया। इस विधेयक को आम तौर पर ‘वंदे मातरम् बिल’ कहा जा रहा है। हालांकि, बिल पेश होते ही विपक्षी सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया, जिसके कारण इस पर चर्चा नहीं हो सकी और राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार (27 जुलाई 2026) तक के लिए स्थगित कर दी गई।

क्या है वंदे मातरम् बिल?

प्रस्तावित संशोधन के तहत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी वही कानूनी संरक्षण देने का प्रस्ताव है, जो अभी तक राष्ट्रगान ‘जन गण मन’, राष्ट्रीय ध्वज और संविधान को प्राप्त है।

यदि यह विधेयक संसद से पारित हो जाता है, तो जानबूझकर ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करने, इसके गायन में बाधा डालने या लोगों को इसे गाने से रोकने जैसी गतिविधियां दंडनीय अपराध मानी जाएंगी।

क्या होगी सजा?

प्रस्तावित कानून के अनुसार, दोषी पाए जाने पर:

  • 3 साल तक की जेल
  • जुर्माना
  • या दोनों सजा एक साथ

का प्रावधान किया गया है।

सरकार ने यह संशोधन क्यों लाया?

सरकार का कहना है कि 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा में तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा था कि ‘वंदे मातरम्’ को ‘जन गण मन’ के समान सम्मान प्राप्त होगा। हालांकि, बाद में बने राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में इसे कानूनी संरक्षण नहीं दिया गया।

इसके अलावा, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सरकार ने इसे कानूनी सुरक्षा देने की पहल की है।

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गृह मंत्रालय के नए दिशा-निर्देश

सरकार की ओर से जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, सरकारी कार्यक्रमों में:

  • ‘वंदे मातरम्’ के सभी 6 पदों का गायन या वादन
  • राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से पहले ‘वंदे मातरम्’ का गायन

अनिवार्य किए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया है।

विपक्ष ने जताया विरोध

बिल पेश होते ही विपक्षी दलों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष के विरोध के बीच गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि विधेयक का विरोध कर कुछ लोग सदन को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। लगातार हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

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