सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और NTA से मांगा हलफनामा, परीक्षा सुधारों पर मांगी पूरी रिपोर्ट
NEET-UG पेपर लीक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा प्रणाली में सुधारों की प्रगति पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी। अदालत ने कहा कि अस्थायी उपायों के बजाय स्थायी और मजबूत व्यवस्था तैयार करना जरूरी है।
NEET-UG पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (24 जुलाई) को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने पूछा कि पेपर लीक के बाद सुझाए गए संस्थागत सुधारों को लागू करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और उनकी वर्तमान स्थिति क्या है।
न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रणाली में सुधार केवल तात्कालिक उपायों से नहीं होगा, बल्कि इसके लिए स्थायी और मजबूत संस्थागत ढांचा तैयार करना होगा।
10 प्रमुख क्षेत्रों में मांगी प्रगति रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और NTA से हाई-पावर्ड कमेटी की सिफारिशों के क्रियान्वयन पर विस्तृत जानकारी मांगी है। अदालत ने विशेष रूप से इन प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति का ब्योरा मांगा—
- डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर
- परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था
- शोध एवं विकास (R&D)
- पारदर्शिता
- प्रशासनिक सुधार
- मानव संसाधन (HR)
- प्रस्तावित गवर्निंग बोर्ड
- विशेषज्ञ इकाइयों का गठन
- सुरक्षा एवं सतर्कता के लिए नियुक्त अतिरिक्त महानिदेशक (ADG)
- परीक्षा प्रबंधन से जुड़े अन्य संस्थागत सुधार
परीक्षा के तीनों चरणों पर मांगा जवाब
अदालत ने परीक्षा प्रक्रिया के तीनों चरणों—परीक्षा से पहले (Pre-Exam), परीक्षा के दौरान (During Exam) और परीक्षा के बाद (Post-Exam)—में किए गए सुधारों की विस्तृत स्थिति रिपोर्ट भी मांगी है।
इसके अलावा कोर्ट ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, प्रश्नपत्रों की छपाई, परिवहन, राज्य और जिला प्रशासन के साथ समन्वय, मल्टी-सेशन परीक्षाओं की तैयारी, कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) लागू करने की योजना और डेटा सुरक्षा उपायों पर भी जानकारी मांगी है।
‘वायुसेना की मदद स्थायी समाधान नहीं’
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा ने कहा कि पेपर लीक के बाद प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना की मदद लेना एक अस्थायी उपाय था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दीर्घकालिक समाधान नहीं माना जा सकता।
अदालत ने उम्मीदवारों के सत्यापन के लिए डिजीयात्रा (DigiYatra) जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल की संभावनाओं पर भी सरकार से स्पष्टीकरण मांगा।
NEET Paper Leak Protest 2026: सरकार और CJP आमने-सामने, संविधान क्लब में आज अहम बैठक
‘पूरे साल करेंगे निगरानी’
केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को भरोसा दिलाया कि सभी बिंदुओं को शामिल करते हुए विस्तृत हलफनामा दाखिल किया जाएगा।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह केवल रिपोर्ट लेने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे वर्ष परीक्षा सुधारों की प्रक्रिया पर लगातार नजर रखेगा, ताकि सुझाए गए सुधार प्रभावी ढंग से लागू हो सकें।
27 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई सोमवार, 27 जुलाई को निर्धारित की है। तब तक केंद्र सरकार और NTA से अपेक्षा की गई है कि वे सुधारों की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत हलफनामा अदालत में प्रस्तुत करें।



