Vikram Misri Sri Lanka Visit: कोलंबो पहुंचे विदेश सचिव विक्रम मिसरी, श्रीलंका के राष्ट्रपति समेत शीर्ष नेतृत्व से की अहम मुलाकात
भारत-श्रीलंका संबंधों को और मजबूत करने पर जोर, विकास परियोजनाओं, कनेक्टिविटी, ऊर्जा और आर्थिक सहयोग पर हुई व्यापक चर्चा।
Vikram Misri Sri Lanka Visit: भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी एक दिवसीय आधिकारिक दौरे पर बुधवार को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो पहुंचे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और श्रीलंका के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना, दोनों देशों के बीच चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं की समीक्षा करना और द्विपक्षीय सहयोग को नई गति देना है।
अपने व्यस्त दौरे के दौरान विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, प्रधानमंत्री डॉ. हरिनी अमरसूर्या, विदेश मंत्री विजिता हेराथ और विदेश सचिव अरुनी राणाराजा से अलग-अलग मुलाकात की। इन उच्चस्तरीय बैठकों में दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी, डिजिटल गवर्नेंस, ऊर्जा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा और आर्थिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा हुई।
कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग के अनुसार यह दौरा भारत और श्रीलंका के बीच लगातार जारी उच्चस्तरीय संवाद का हिस्सा है। दोनों देशों ने साझा विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और उन्हें तय समय पर पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। बातचीत में इस बात पर भी जोर दिया गया कि दोनों पड़ोसी देश आपसी सहयोग को और मजबूत करते हुए क्षेत्रीय विकास और स्थिरता की दिशा में मिलकर काम करते रहेंगे।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी और राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके की मुलाकात के दौरान भारत की सहायता से श्रीलंका में चल रही कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक के बाद दोनों पक्षों ने 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर की भारतीय रुपये आधारित लाइन ऑफ क्रेडिट (LoC) से जुड़े समझौतों का आदान-प्रदान भी किया। यह राशि चक्रवात के बाद पुनर्निर्माण के लिए भारत द्वारा घोषित 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर के सहायता पैकेज का हिस्सा है।
इस वित्तीय सहायता का उपयोग श्रीलंका में पुनर्निर्माण कार्यों, बुनियादी ढांचे के विकास और आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए किया जाएगा। भारत पहले भी श्रीलंका के आर्थिक संकट और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान लगातार सहायता प्रदान करता रहा है।

विदेश मंत्री विजिता हेराथ के साथ हुई बैठक में दोनों देशों के बीच प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की समीक्षा की गई। वहीं श्रीलंका की विदेश सचिव अरुनी राणाराजा के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों ने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और आपसी सहयोग को मजबूत बनाने पर भी चर्चा की।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बैठक के दौरान भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति और ‘विजन महासागर’ (Vision MAHASAGAR) के तहत श्रीलंका की अहम भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत अपने सबसे करीबी समुद्री पड़ोसियों में शामिल श्रीलंका के साथ विकास, सुरक्षा और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बैठकों में भारत द्वारा श्रीलंका को आर्थिक संकट के दौरान दी गई सहायता का भी उल्लेख किया गया। भारत ने उस समय श्रीलंका को वित्तीय मदद के अलावा ईंधन, खाद्यान्न, दवाइयां और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराकर महत्वपूर्ण सहयोग दिया था। दोनों देशों ने भविष्य में भी इसी तरह सहयोग जारी रखने और द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत और श्रीलंका के बीच हाल के वर्षों में आर्थिक, रणनीतिक और विकासात्मक सहयोग लगातार बढ़ा है। ऐसे में विदेश सचिव विक्रम मिसरी का यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



