Parliament Protest: संसद में झारखंड छात्रों पर घमासान, अनुराग ठाकुर ने राहुल को घेरा तो प्रियंका गांधी ने दिया जवाब
Jharkhand Student Protest को लेकर संसद में सियासी संग्राम, NDA और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज
Parliament Protest: संसद के मॉनसून सत्र के दौरान झारखंड के छात्र आंदोलन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को संसद परिसर में एनडीए सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने एनडीए के प्रदर्शन पर पलटवार करते हुए सत्ता पक्ष पर तंज कसा।
झारखंड में JPSC और JSSC समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लंबे समय से जारी है। सोमवार को रांची में छात्रों ने विधानसभा घेराव और मार्च किया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज को लेकर विवाद खड़ा हो गया। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी मुद्दे को लेकर अब संसद में भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
मंगलवार को एनडीए सांसदों ने संसद परिसर में विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन किया। सत्ता पक्ष के सांसदों ने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद में चर्चा से भाग रहा है और सरकार की ओर से जवाब देने की तैयारी के बावजूद सदन की कार्यवाही को बाधित कर रहा है। प्रदर्शन के दौरान झारखंड में छात्रों के साथ हुए कथित व्यवहार का मुद्दा भी उठाया गया। एनडीए सांसदों का कहना था कि यदि विपक्ष को छात्रों के मुद्दे की चिंता है तो उसे संसद में चर्चा के लिए आगे आना चाहिए।
बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड के युवाओं को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर जिस तरह लाठीचार्ज किया गया और कथित तौर पर ज्यादतियां हुईं, उससे राज्य में युवाओं के साथ हो रहे व्यवहार का पता चलता है। अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ वह गृह मंत्री से जवाब मांगते हैं, लेकिन दूसरी तरफ खुद सदन में चर्चा के लिए मौजूद नहीं रहते।
अनुराग ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह संसद में जवाब देने के लिए तैयार हैं, लेकिन राहुल गांधी और कांग्रेस केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर गैर-जिम्मेदाराना बयान देने और मुद्दे को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। बीजेपी सांसदों का कहना है कि सरकार चर्चा से पीछे नहीं हट रही है और विपक्ष को सदन में आकर अपनी बात रखनी चाहिए।
दूसरी तरफ कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने एनडीए के विरोध प्रदर्शन पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार सत्ताधारी पार्टी के सांसदों को इस तरह विरोध प्रदर्शन करते देखा है। प्रियंका गांधी ने कहा कि विपक्ष ने सत्ता पक्ष को ऐसा प्रदर्शन करने के लिए मजबूर किया है। उन्होंने यह भी कहा कि अब सत्ता पक्ष को आगे आकर इस मुद्दे पर बयान देना चाहिए।
प्रियंका गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद परिसर में एनडीए सांसद झारखंड के छात्र आंदोलन को लेकर विपक्ष पर सवाल उठा रहे थे। सत्ता पक्ष के सांसदों का आरोप है कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सरकार से जवाब तो मांग रहे हैं, लेकिन जब सरकार चर्चा के लिए तैयार होती है तो विपक्ष सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने से पीछे हट जाता है। वहीं विपक्ष का कहना है कि झारखंड में छात्रों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई गंभीर मुद्दा है और सरकार को इसकी जवाबदेही तय करनी चाहिए।
झारखंड छात्र आंदोलन अब संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। छात्रों की मांगों में JPSC, JSSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग प्रमुख है। आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई और छात्रों के घायल होने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है।
इस पूरे विवाद में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत भी राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गई है। लंबे समय से भूख हड़ताल कर रहे देवेंद्र नाथ महतो की सोमवार को प्रदर्शन के दौरान तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें रांची सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया। उनके ब्लड शुगर लेवल में गिरावट की बात सामने आई है और डॉक्टर उनकी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
संसद में इस मुद्दे को लेकर लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन से मॉनसून सत्र का गतिरोध भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। सत्ता पक्ष जहां विपक्ष पर चर्चा से भागने का आरोप लगा रहा है, वहीं विपक्ष सरकार से छात्रों के मुद्दे पर जवाब और कार्रवाई की मांग कर रहा है। दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी अब संसद परिसर के प्रदर्शन तक पहुंच चुकी है।
फिलहाल झारखंड के छात्रों का आंदोलन केवल राज्य की राजनीति तक सीमित नहीं रहा है। यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में भी जगह बना चुका है। संसद में अनुराग ठाकुर और प्रियंका गांधी के बीच सामने आए आरोप-प्रत्यारोप इसी बढ़ते राजनीतिक टकराव की तस्वीर पेश करते हैं। अब निगाह इस बात पर है कि सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर सदन में वास्तविक चर्चा हो पाती है या फिर विरोध और नारेबाजी के चलते संसद की कार्यवाही लगातार प्रभावित होती रहती है।



