Gautam Gambhir Amit Mishra: गौतम गंभीर के बचाव में उतरे अमित मिश्रा, बोले- कोच को समय दें, खिलाड़ियों को भी जिम्मेदारी लेनी होगी
टेस्ट में टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन के बीच पूर्व भारतीय स्पिनर ने गंभीर की कोचिंग और टीम में बदलाव का किया बचाव
Gautam Gambhir Amit Mishra: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर को लगातार आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है, खासकर टेस्ट क्रिकेट में टीम के निराशाजनक प्रदर्शन को लेकर। हालांकि, अब पूर्व भारतीय स्पिनर और गंभीर के पुराने टीममेट अमित मिश्रा ने उनका बचाव किया है। मिश्रा का मानना है कि किसी भी कोच को टीम के साथ काम करने और खिलाड़ियों को बेहतर तरीके से तैयार करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल कोच को जिम्मेदार ठहराने के बजाय खिलाड़ियों को भी मैदान पर अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।गौतम गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद भारतीय टीम ने कुछ बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। टीम ने उनकी कोचिंग में चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और टी20 विश्व कप 2026 का खिताब अपने नाम किया। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। भारत को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भी भारतीय टीम को हार झेलनी पड़ी।
टेस्ट क्रिकेट में लगातार मिल रही असफलताओं के कारण गंभीर की कोचिंग पर सवाल उठने लगे हैं। टीम चयन और प्लेइंग इलेवन में लगातार बदलाव भी चर्चा का विषय रहे हैं। इसके बावजूद अमित मिश्रा का मानना है कि गंभीर को पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में अमित मिश्रा ने कहा कि कोच के लिए यह मुश्किल दौर हो सकता है। उनके मुताबिक खिलाड़ियों को भी ज्यादा जिम्मेदारी लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सभी फॉर्मेट में एक ही कोच का होना अब सामान्य बात है और ऐसे में किसी भी कोच को अपना सिस्टम विकसित करने के लिए समय मिलना चाहिए।मिश्रा ने खासतौर पर टेस्ट क्रिकेट का जिक्र करते हुए कहा कि टीम में कई युवा और कम अनुभव वाले खिलाड़ी हैं। ऐसे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दबाव और परिस्थितियों के अनुसार ढलने में समय लगता है। उनके मुताबिक कोच और खिलाड़ियों दोनों को एक साथ विकसित होने का मौका दिया जाना चाहिए।
पूर्व भारतीय स्पिनर ने कहा कि रेड-बॉल क्रिकेट में गंभीर को समय देना जरूरी है। कोच का काम खिलाड़ियों की मानसिक मजबूती और तकनीकी पहलुओं पर काम करना है, लेकिन आखिरकार मैदान पर प्रदर्शन खिलाड़ियों को ही करना होता है। खिलाड़ियों को दबाव का सामना करना होगा और मैच की परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना होगा।अमित मिश्रा ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज और गेंदबाज को परिस्थितियों को समझकर अपनी रणनीति बनानी पड़ती है। पिच कैसी है, गेंदबाज किस तरह की गेंदबाजी कर रहे हैं और मैच की स्थिति क्या है, इन सभी चीजों के अनुसार खिलाड़ियों को अपना खेल बदलना पड़ता है। उनके मुताबिक खिलाड़ियों को यह जिम्मेदारी खुद उठानी होगी।गंभीर की आलोचना का एक बड़ा कारण टीम में लगातार किए जा रहे बदलाव भी रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में वॉशिंगटन सुंदर को नंबर तीन पर बल्लेबाजी के लिए भेजने का फैसला भी चर्चा में रहा था। ऐसे फैसलों को लेकर कई क्रिकेट विशेषज्ञों ने सवाल उठाए थे।
हालांकि, अमित मिश्रा ने इस तरह के प्रयोगों का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि बाहर से देखने पर सिर्फ बदलाव दिखाई देते हैं, लेकिन कोच और सपोर्ट स्टाफ खिलाड़ियों के साथ लगातार समय बिताते हैं। वे नेट्स में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखते हैं और उनकी मौजूदा फॉर्म तथा क्षमता के आधार पर फैसले लेते हैं।मिश्रा के मुताबिक हो सकता है कि टीम मैनेजमेंट ने पिच और परिस्थितियों को देखते हुए वॉशिंगटन सुंदर को तीसरे नंबर पर भेजना उचित समझा हो। कोच के पास खिलाड़ियों के प्रदर्शन से जुड़ी ऐसी कई जानकारियां होती हैं, जिन्हें बाहर बैठे लोग नहीं देख सकते।उन्होंने कहा कि गंभीर और उनकी टीम टेस्ट क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ 11 खिलाड़ियों का संयोजन तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए अलग-अलग परिस्थितियों में खिलाड़ियों को आजमाना जरूरी हो सकता है। मिश्रा ने एक बार फिर जोर दिया कि कोच को समय दिया जाना चाहिए।
अमित मिश्रा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारतीय टेस्ट टीम के प्रदर्शन को लेकर गंभीर बहस चल रही है। एक तरफ गंभीर के समर्थकों का कहना है कि उन्हें टीम में बदलाव और युवा खिलाड़ियों के साथ काम करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए, जबकि आलोचक चाहते हैं कि टीम के खराब टेस्ट प्रदर्शन की जिम्मेदारी तय हो।फिलहाल अमित मिश्रा ने साफ कर दिया है कि वह पूरी तरह से कोच को दोष देने के पक्ष में नहीं हैं। उनका मानना है कि भारतीय टीम की सफलता के लिए कोच और खिलाड़ियों दोनों को अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाली टेस्ट सीरीज में गौतम गंभीर की रणनीति और टीम इंडिया का प्रदर्शन आलोचनाओं का जवाब दे पाता है या नहीं।



