NASA: NASA-IBM का नया AI करेगा चांद की बर्फ और क्रेटर्स की खोज, Artemis मिशन को मिलेगी मदद

NASA: NASA और IBM ने मिलकर ऐसा ओपन-सोर्स AI मॉडल तैयार किया है, जो चंद्रमा से जुड़े विशाल डेटा का विश्लेषण कर वैज्ञानिकों को नई खोजों में मदद करेगा।

NASA: चंद्रमा पर मानव मिशनों की तैयारी के बीच NASA और IBM ने एक नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल पेश किया है। यह मॉडल वैज्ञानिकों को चांद की सतह, बर्फ के संभावित भंडार, क्रेटर्स और सुरक्षित लैंडिंग क्षेत्रों की पहचान करने में मदद करेगा। इस नई तकनीक को NASA-IBM Lunar Foundation Model नाम दिया गया है।

दशकों पुराने डेटा को समझेगा AI

चंद्रमा से जुड़ा डेटा कई अंतरिक्ष मिशनों और उपकरणों से वर्षों से इकट्ठा किया जाता रहा है। हालांकि, अलग-अलग स्रोतों से आए इस डेटा का विश्लेषण करना चुनौतीपूर्ण रहा है। नया AI मॉडल इसी समस्या का समाधान करेगा। इसकी ट्रेनिंग NASA के कई मिशनों से प्राप्त 30 से अधिक डेटा लेयर्स पर की गई है।

बर्फ की खोज में बड़ी भूमिका

वैज्ञानिक लंबे समय से चंद्रमा के उन हिस्सों का अध्ययन कर रहे हैं, जहां सूर्य की रोशनी नहीं पहुंचती। माना जाता है कि इन स्थायी छायादार क्षेत्रों में बर्फ मौजूद हो सकती है। यह बर्फ भविष्य के चंद्र अभियानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पानी, ऑक्सीजन और संभावित रूप से रॉकेट ईंधन तैयार किया जा सकता है।

क्रेटर्स और लैंडिंग साइट की पहचान

यह AI मॉडल चंद्रमा की सतह पर मौजूद क्रेटर्स की पहचान और मैपिंग भी कर सकता है। इससे भविष्य के मिशनों के लिए सुरक्षित लैंडिंग साइट चुनना आसान होगा। साथ ही, वैज्ञानिक चंद्रमा की भूगर्भीय और ज्वालामुखीय गतिविधियों को भी बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।

Artemis मिशन को मिलेगा फायदा

NASA का Artemis कार्यक्रम 2028 में अंतरिक्ष यात्रियों को दोबारा चांद पर भेजने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में यह AI मॉडल मिशन प्लानिंग और रिसर्च में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। NASA और IBM का दावा है कि परीक्षणों में इस मॉडल ने चंद्रमा की सतह की प्रमुख विशेषताओं की पहचान पारंपरिक मॉडलों की तुलना में अधिक सटीकता से की है।

अंतरिक्ष अनुसंधान में नया कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि यह AI मॉडल सिर्फ चांद के अध्ययन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में अन्य ग्रहों और अंतरिक्ष मिशनों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है। इससे अंतरिक्ष अनुसंधान में डेटा विश्लेषण की गति और सटीकता दोनों बढ़ने की उम्मीद है।

written by Siddhi Srivastava

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