Bihar Politics: तेजस्वी यादव का बड़ा दावा, बोले- भविष्य में BJP में शामिल हो सकती है JDU

Bihar Politics: आरजेडी नेता ने जेडीयू को बीजेपी की ‘बी टीम’ बताते हुए उसके भविष्य को लेकर बड़ा दावा किया। वहीं, महागठबंधन में वापसी को लेकर भी सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में एक बार फिर जेडीयू और बीजेपी के रिश्तों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि जनता दल (यूनाइटेड) धीरे-धीरे बीजेपी के और करीब जा रही है और भविष्य में दोनों दलों के एक होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

जेडीयू को बताया बीजेपी की ‘बी टीम’

मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि जेडीयू अब स्वतंत्र राजनीतिक पहचान की बजाय बीजेपी के साथ कदमताल करती दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बीजेपी की लाइन के करीब नजर आती है।

तेजस्वी ने यह भी कहा कि आने वाले समय में जेडीयू की राजनीतिक दिशा और स्पष्ट हो सकती है। उनके अनुसार, पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता दोनों दलों के बीच तालमेल बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

महागठबंधन को लेकर बढ़ी चर्चाएं

तेजस्वी का यह बयान ऐसे समय आया है जब आरजेडी खेमे से जेडीयू को लेकर सियासी संदेश भी सामने आए हैं। हाल ही में आरजेडी के वरिष्ठ नेता भाई वीरेंद्र ने जेडीयू से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) छोड़कर महागठबंधन के साथ आने की अपील की थी।

उन्होंने कहा था कि जेडीयू की वैचारिक पृष्ठभूमि समाजवादी आंदोलन से जुड़ी रही है और कई मुद्दों पर उसके नेताओं की राय बीजेपी से अलग दिखाई देती है।

यूसीसी पर भी उठे सवाल

समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी जारी है। आरजेडी नेताओं का कहना है कि जेडीयू का रुख इस मुद्दे पर पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इसी संदर्भ में पूर्व के कुछ राजनीतिक दस्तावेजों और बयानों की भी चर्चा हो रही है।

मुख्यमंत्री पद पर आरजेडी का रुख साफ

महागठबंधन की संभावनाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर आरजेडी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में उनकी पार्टी की अगुवाई में सरकार बनती है तो मुख्यमंत्री पद के लिए तेजस्वी यादव ही चेहरा होंगे।

हालांकि, जेडीयू की ओर से तेजस्वी यादव के इन दावों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बिहार की राजनीति में यह बयान आने वाले दिनों में नई सियासी बहस को जन्म दे सकता है।

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