मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 30 अरब डॉलर के सामान पर टैरिफ कम करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। यह पहल ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात सितंबर के अंत में होने की संभावना है।
किन उत्पादों पर हो सकती है राहत?
सूत्रों के मुताबिक, चर्चा का केंद्र अमेरिकी ऊर्जा और कृषि उत्पाद हैं। चीन इन उत्पादों पर लगाए गए कुछ शुल्कों में कमी कर सकता है। दूसरी ओर, अमेरिका भी चीन से आने वाले कुछ औद्योगिक सामानों पर टैरिफ घटाने के विकल्पों पर विचार कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह कदम लागू होता है तो दोनों देशों के कारोबारियों को राहत मिल सकती है और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आ सकती है।
चीन ने क्या कहा?
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने पुष्टि की है कि दोनों देशों की आर्थिक और व्यापारिक टीमें लगातार संपर्क में हैं। मंत्रालय का कहना है कि कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर संवाद जारी है और समाधान की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
इससे पहले भी चीन ने व्यापार से जुड़े संगठनों और स्थानीय प्रशासन से सुझाव मांगे थे, ताकि संभावित टैरिफ राहत की रूपरेखा तैयार की जा सके।
क्या कम होगा ट्रेड वॉर का असर?
अमेरिका और चीन के बीच पिछले कई वर्षों से व्यापार युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। टैरिफ बढ़ने से दोनों देशों के उद्योगों और वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ा है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि प्रस्तावित कटौती पर सहमति बनती है, तो व्यापारिक तनाव कम करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। हालांकि, तकनीक, सेमीकंडक्टर, रेयर मिनरल्स और रणनीतिक व्यापार जैसे मुद्दे अब भी दोनों देशों के बीच चुनौती बने हुए हैं।
ट्रंप-शी मुलाकात पर टिकी निगाहें
सितंबर के अंत में होने वाली संभावित ट्रंप-शी बैठक को लेकर वैश्विक बाजारों की नजर बनी हुई है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
फिलहाल, दोनों देशों के बीच जारी वार्ता को व्यापारिक संबंधों में सुधार की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।