Solar System: एक दिन बादल छाए रहें तो सोलर कितनी देर देगा बिजली? जानिए बैटरी बैकअप का पूरा गणित
Solar System: धूप न होने पर सोलर पैनल की उत्पादन क्षमता घट जाती है, लेकिन सही बैटरी और कम बिजली खपत के साथ कई घंटों तक बिजली मिल सकती है।
Solar System: आज के समय में सोलर सिस्टम तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। हालांकि कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि अगर पूरे दिन सूरज न निकले तो क्या सोलर सिस्टम काम करना बंद कर देगा। इसका जवाब सोलर सिस्टम में लगी बैटरी और बिजली की खपत पर निर्भर करता है।
सोलर पैनल को रोशनी की जरूरत होती है
सोलर पैनल बिजली बनाने के लिए सूर्य की रोशनी का उपयोग करते हैं। यदि मौसम खराब हो और पूरे दिन पर्याप्त रोशनी न मिले, तो बिजली उत्पादन काफी कम हो सकता है। ऐसे में बैटरी आधारित सिस्टम घर की जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है।
वहीं, जिन घरों में केवल ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम लगा है और बैटरी नहीं है, वहां धूप न होने या बिजली कटने की स्थिति में बैकअप नहीं मिलता।
बैटरी तय करती है बैकअप का समय
सोलर सिस्टम का बैकअप मुख्य रूप से बैटरी की क्षमता पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी घर में 5 kWh क्षमता की बैटरी लगी है और औसत बिजली खपत 500 वॉट है, तो बैटरी लगभग 10 घंटे तक बिजली दे सकती है।
हालांकि वास्तविक स्थिति में बैटरी की पूरी क्षमता उपयोग नहीं हो पाती। साथ ही इन्वर्टर और सिस्टम में ऊर्जा का कुछ हिस्सा भी खर्च होता है। इसलिए वास्तविक बैकअप समय थोड़ा कम हो सकता है।
बिजली की खपत भी अहम
अगर घर में केवल पंखे, LED बल्ब और टीवी जैसे उपकरण चल रहे हैं, तो बैटरी ज्यादा समय तक चल सकती है। दूसरी ओर, एसी, गीजर या अन्य हाई-पावर उपकरण इस्तेमाल करने पर बैटरी जल्दी खत्म हो जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, खराब मौसम के दौरान गैर-जरूरी उपकरणों का उपयोग कम करने से बैकअप समय बढ़ाया जा सकता है।
ऐसे निकालें बैकअप का आसान हिसाब
बैटरी बैकअप का अनुमान लगाने के लिए बैटरी की उपयोग योग्य क्षमता को कुल बिजली लोड से भाग दिया जाता है। उदाहरण के तौर पर, यदि बैटरी में 4 kWh उपयोग योग्य ऊर्जा उपलब्ध है और घर का औसत लोड 0.5 kW है, तो लगभग 8 घंटे का बैकअप मिल सकता है।
एक दिन बिना धूप के भी मिल सकती है बिजली
यदि सोलर सिस्टम में पर्याप्त क्षमता वाली बैटरी लगी है, तो एक दिन तक धूप न निकलने पर भी घर की जरूरी बिजली चल सकती है। लेकिन लगातार कई दिनों तक खराब मौसम रहने पर बैटरी को पर्याप्त चार्ज नहीं मिल पाएगा।
इसी वजह से सोलर सिस्टम लगवाते समय केवल पैनल की क्षमता नहीं, बल्कि बैटरी क्षमता और घर की दैनिक बिजली खपत का भी सही आकलन करना जरूरी होता है।


