जमुई कांड पर जीतन राम मांझी का तेजस्वी यादव पर पलटवार, बोले- ‘अपने भाइयों को सचेत कर दीजिए, सम्राट की सरकार किसी को नहीं बख्शेगी’
जमुई में नाबालिग छात्रा से कथित बदसलूकी के मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधा है। मांझी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार की कार्रवाई का हवाला देते हुए विपक्ष पर तंज कसा।
बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके साथी से कथित बदसलूकी के मामले ने अब सियासी रंग ले लिया है। घटना के बाद विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। अब हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव पर पलटवार किया है।
मांझी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जमुई मामले को लेकर तेजस्वी यादव पर तंज कसा और पुलिस की कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि सरकार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने तेजस्वी के पुराने बयानों को जोड़ते हुए ‘यादव’ समुदाय को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि अगर वह कुछ आरोपियों को अपना भाई मानते हैं तो उन्हें ऐसे लोगों को सचेत करना चाहिए।
‘तेजस्वी जी अपने भाइयों को सचेत कर दीजिए…’
जीतन राम मांझी ने अपने पोस्ट में कहा कि HAM केवल बातें करने में नहीं, बल्कि कार्रवाई में विश्वास रखता है। उन्होंने जमुई मामले का जिक्र करते हुए तेजस्वी यादव पर निशाना साधा।
मांझी ने लिखा कि तेजस्वी यादव अक्सर बिहार और यूपी के यादवों को अपना भाई बताते हैं। इसके बाद उन्होंने जमुई की घटना में आरोपी बनाए गए लोगों को लेकर तंज कसा और कहा कि उनके बीच से ही कुछ लोगों ने लड़की से बदसलूकी की और उसका वीडियो बनाया।
मांझी ने आगे तंज भरे अंदाज में कहा कि अब तेजस्वी यह कह सकते हैं कि ‘सम्राट चौधरी ने मेरे भाई को ठोकवा दिया।’ इसके बाद उन्होंने तेजस्वी को अपने कथित ‘भाइयों’ को सचेत करने की बात कही और कहा कि सम्राट चौधरी की सरकार किसी को बख्शने वाली नहीं है। मांझी ने अपने पोस्ट के अंत में ‘सम्राट का सुशासन’ का जिक्र किया।
तेजस्वी ने सम्राट चौधरी से मांगा था इस्तीफा
जमुई मामले को लेकर तेजस्वी यादव लगातार बिहार सरकार पर निशाना साध रहे हैं। उन्होंने घटना के वीडियो को बेहद शर्मनाक बताते हुए महिला और लड़कियों की सुरक्षा पर सवाल उठाया था।
तेजस्वी ने कहा था कि बिहार में महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि स्कूल, कॉलेज, सड़क, हॉस्टल और घर जैसे स्थानों पर भी महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएं चिंता का विषय हैं।
इसके अलावा तेजस्वी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के एक पुराने बयान का हवाला देते हुए उनसे इस्तीफे की मांग की थी। तेजस्वी का कहना था कि यदि मुख्यमंत्री अपने उस बयान पर कायम हैं, जिसमें उन्होंने महिलाओं के साथ ऐसी घटना होने पर इस्तीफा देने की बात कही थी, तो उन्हें अब अपने कथित वादे पर अमल करना चाहिए।
जमुई मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज
राजनीतिक बयानबाजी के बीच जमुई मामले में पुलिस की कार्रवाई भी जारी है। मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। पुलिस कार्रवाई के दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। उसके साथ एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, वीडियो के आधार पर मामले में करीब सात लोगों की पहचान की गई है। इससे पहले तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी और बाकी आरोपियों की तलाश के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया था। अलग-अलग समय पर जारी अपडेट के कारण गिरफ्तारी की संख्या में बदलाव हुआ है।
क्या है जमुई का पूरा मामला?
यह घटना 19 सितंबर की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, 10वीं कक्षा के एक छात्र और छात्रा को रास्ते में कुछ लोगों ने रोक लिया था। इसके बाद उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी और मारपीट की गई। इसी दौरान बनाए गए वीडियो के सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू की। मामले में POCSO Act और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने पीड़ितों के बयान भी दर्ज किए हैं और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
जमुई की इस घटना ने बिहार में महिला और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। एक तरफ तेजस्वी यादव सरकार से जवाब मांग रहे हैं, तो दूसरी तरफ जीतन राम मांझी पुलिस कार्रवाई का हवाला देते हुए विपक्ष पर पलटवार कर रहे हैं। अब मामले में आगे की पुलिस जांच और अदालत की कार्रवाई पर नजर रहेगी।



