Abhijeet Dipke: वोटर रजिस्ट्रेशन कैंप पर अभिजीत दीपके का सवाल, बोले- पहले क्यों नहीं उठाया गया यह कदम?

Abhijeet Dipke: चुनाव आयोग ने नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इस फैसले के बाद सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

Abhijeet Dipke: मतदाता सूची को लेकर चल रही बहस के बीच चुनाव आयोग के एक नए फैसले ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। आयोग ने ऐसे नागरिकों के लिए विशेष पंजीकरण अभियान शुरू किया है, जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है या जिन्होंने हाल ही में मतदान की पात्र आयु पूरी की है।

इसी फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सवाल उठाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पूछा कि यदि यह व्यवस्था संभव थी, तो इसे पहले लागू क्यों नहीं किया गया।

क्या है चुनाव आयोग की नई पहल?

चुनाव आयोग द्वारा शुरू किए गए विशेष नामांकन अभियान के तहत ऐसे नागरिक भी मतदाता के रूप में पंजीकरण करा सकेंगे, जिन्होंने 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है। इसके लिए उन्हें मतदाता सूची के अगले संशोधन का इंतजार नहीं करना होगा।

आयोग का कहना है कि जनवरी, अप्रैल, जुलाई और अक्टूबर की निर्धारित तिथियों पर पात्रता पूरी करने वाले युवा सीधे आवेदन कर सकेंगे। इससे नए मतदाताओं को प्रक्रिया में शामिल होने का अधिक अवसर मिलेगा।

दीपके ने क्या कहा?

अभिजीत दीपके ने चुनाव आयोग के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कदम पहले ही उठाया जाना चाहिए था। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में सवाल किया कि जब यह व्यवस्था अब लागू की जा सकती है, तो अब तक इसे लागू करने में देरी क्यों हुई।

दीपके की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस शुरू हो गई। कई यूजर्स ने आयोग के फैसले का स्वागत किया, जबकि कुछ लोगों ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर अतिरिक्त सवाल उठाए।

पहले भी चुनाव आयोग पर साध चुके हैं निशाना

अभिजीत दीपके पिछले कुछ समय से मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की थी। साथ ही चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो उनकी पार्टी विरोध प्रदर्शन कर सकती है।

आयोग ने क्या कहा?

चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूची को अद्यतन रखने की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है। नियमों के अनुसार कोई भी भारतीय नागरिक, जिसने 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली हो और जो संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी हो, मतदाता पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकता है।

अधिकारियों के मुताबिक, विशेष अभियान का उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदान प्रक्रिया से जोड़ना और मतदाता सूची को अधिक समावेशी बनाना है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से बड़ी संख्या में नए मतदाता चुनावी प्रक्रिया से जुड़ सकेंगे। वहीं आलोचकों का कहना है कि इस तरह के कदम पहले उठाए जाने चाहिए थे ताकि पात्र नागरिकों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।

फिलहाल चुनाव आयोग के इस फैसले और अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया को लेकर चर्चा जारी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं और तेज हो सकती हैं।

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