Sanjay Singh: यूपी में कांग्रेस-सपा के बीच बढ़ती बयानबाजी पर संजय सिंह का निशाना, बोले- अखिलेश यादव को क्यों घेरा जा रहा?

Sanjay Singh: AAP सांसद ने कांग्रेस के सीटों से जुड़े बयानों पर उठाए सवाल, कहा- बीजेपी से मुकाबला है या सहयोगी दलों से?

Sanjay Singh: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सामने आ रही बयानबाजी को लेकर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के नेताओं की ओर से सीटों को लेकर दिए जा रहे अलग-अलग बयानों से ऐसा प्रतीत होता है कि पार्टी का फोकस बीजेपी के बजाय समाजवादी पार्टी पर अधिक है।

संजय सिंह ने कहा कि कभी कांग्रेस की ओर से 150 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कही जाती है तो कभी सभी 403 विधानसभा सीटों पर उतरने की बात सामने आती है। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस का वास्तविक राजनीतिक मुकाबला किससे है।

‘अखिलेश यादव को तंग करने’ का लगाया आरोप

AAP नेता ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के बयानों से समाजवादी पार्टी और उसके प्रमुख अखिलेश यादव पर दबाव बनाने की स्थिति दिखाई देती है। उन्होंने कांग्रेस से जुड़े सीट बंटवारे के बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह की बयानबाजी विपक्षी गठबंधन के भीतर ही खींचतान को बढ़ाती है।

संजय सिंह ने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस ने वहां भी तेजस्वी यादव के साथ सीटों और नेतृत्व को लेकर इसी तरह की स्थिति पैदा की थी। उनके मुताबिक, इससे विपक्षी दलों के बीच तालमेल प्रभावित हो सकता है।

‘कांग्रेस के बयानों से सपा से लड़ाई जैसी स्थिति’

संजय सिंह ने कहा कि अगर कांग्रेस का मुख्य राजनीतिक लक्ष्य बीजेपी का मुकाबला करना है तो उसे अपने सहयोगी दलों के साथ बेहतर समन्वय बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की ओर से दिए जा रहे बयानों से ऐसा लगता है कि पार्टी समाजवादी पार्टी से ही राजनीतिक संघर्ष कर रही है।

उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के बीच आपसी मतभेदों का असर व्यापक विपक्षी रणनीति पर भी पड़ सकता है।

SIR को लेकर विपक्षी दलों की एकजुटता का किया जिक्र

AAP सांसद ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर विपक्षी दल चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी आपत्तियां उठा रहे हैं और इस विषय पर विपक्ष की ओर से राजनीतिक स्तर पर चर्चा की जा रही है।

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि एक तरफ विपक्षी दल बीजेपी और केंद्र सरकार के खिलाफ मुद्दों पर एक साथ खड़े होने की बात करते हैं, जबकि दूसरी ओर कुछ राज्यों में कांग्रेस की सहयोगी दलों के साथ ही राजनीतिक खींचतान देखने को मिलती है।

‘कांग्रेस को अपने सहयोगी दलों के साथ तालमेल समझना होगा’

संजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस को यह समझना होगा कि विपक्षी राजनीति में उसके साथ खड़े दलों के साथ समन्वय भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने दिल्ली, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के बीच अलग-अलग स्तर पर रहे राजनीतिक मतभेदों की ओर इशारा किया।

उन्होंने कहा कि विपक्षी एकजुटता की बात के साथ-साथ सहयोगी दलों के बीच सीटों और रणनीति को लेकर सहमति बनाना भी जरूरी है।

INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल होने पर क्या बोले संजय सिंह?

वहीं, INDIA गठबंधन की बैठक को लेकर पूछे गए सवाल पर संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि वह INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है। इसलिए ऐसी बैठकों में शामिल होने का सवाल नहीं है।

उन्होंने कहा कि हालांकि चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों पर उनकी पार्टी अपना रुख पहले ही स्पष्ट कर चुकी है।

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर समर्थन

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव से जुड़े सवाल पर संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी के सांसद इस संबंध में लाए गए प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगर संसद में इस मुद्दे पर आगे कोई कार्रवाई होती है तो उनकी पार्टी उसमें विपक्षी दलों के साथ मिलकर भाग लेगी।

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। चुनाव से पहले सीट बंटवारे और गठबंधन की रणनीति को लेकर विपक्षी दलों के बीच बातचीत और बयानबाजी आगे भी राजनीतिक चर्चा का प्रमुख विषय बनी रह सकती है।

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