CJP Protest : CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर CJP का प्रदर्शन, दिपके ने दी ‘जंतर-मंतर 2.0’ की चेतावनी

CJP Protest : CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP ने मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन किया। अभिजीत दिपके ने SIR और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाते हुए 'जंतर-मंतर 2.0' की चेतावनी दी।

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CJP Protest : मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर Cockroach Janta Party (CJP) ने शुक्रवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन किया। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

दिपके ने कहा कि अगर CEC ने इस्तीफा नहीं दिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने इस दौरान ‘जंतर-मंतर 2.0’ का नारा देते हुए दिल्ली में फिर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। यह प्रदर्शन CJP के पहले जंतर-मंतर आंदोलन के बाद आयोजित किया गया है।

SIR को लेकर CJP ने क्या आरोप लगाए?

अभिजीत दिपके ने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने अलग-अलग राज्यों और निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची में हुए बदलावों का हवाला देते हुए चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए।

दिपके ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का असर चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है। हालांकि, हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार उसके विश्लेषण में SIR के तहत हुए नाम हटाने और चुनावी नतीजों के बीच कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कुछ नाम मौत और प्रवास जैसे कारणों से हटे हैं।

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

SIR को लेकर उठे सवालों के बीच चुनाव आयोग ने कहा है कि उसके फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग ने प्रक्रिया में बदलाव भी किए हैं ताकि मतदाताओं को होने वाली असुविधा कम की जा सके। इससे पहले द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में चुनाव आयुक्तों के बीच SIR से जुड़े कुछ फैसलों को लेकर मतभेद का दावा किया गया था। इसके बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस तेज हुई।

‘जंतर-मंतर 2.0’ क्यों?

मुंबई के प्रदर्शन में दिपके ने कहा कि यदि CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो आंदोलन को दिल्ली तक ले जाया जाएगा। CJP की ओर से पहले ही गोवा, बेंगलुरु, कोलकाता और रांची जैसे शहरों में प्रदर्शन करने की बात कही जा चुकी है। इसके बाद आंदोलन को दोबारा जंतर-मंतर तक ले जाने की योजना बताई गई है। दिपके ने इसे ‘जंतर-मंतर 2.0’ बताते हुए युवाओं से आंदोलन में शामिल होने की अपील की।

CJP की क्या-क्या मांगें हैं?

CJP ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के अलावा कई मांगें उठाई हैं। इनमें SIR प्रक्रिया को रोकना, मतदाता सूची में संशोधन से जुड़े मामलों में अधिक पारदर्शिता और पहले की मतदाता सूची बहाल करने की मांग शामिल है।

पार्टी ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में भी बदलाव की मांग की है और नागरिक समाज की भागीदारी के साथ अधिक पारदर्शी प्रक्रिया की बात कही है।

मुंबई में जुटे प्रदर्शनकारी

शिवाजी पार्क में हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने CEC के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर और राष्ट्रीय ध्वज लेकर नारे लगाए।

रिपोर्टों के मुताबिक अभिनेत्री शबाना आजमी, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, संगीतकार विशाल ददलानी और महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी समेत कुछ जानी-मानी हस्तियां भी प्रदर्शन में पहुंचीं। शिवसेना (UBT) की ओर से भी प्रदर्शन को समर्थन दिया गया।

पुलिस अनुमति को लेकर भी विवाद

मुंबई पुलिस की ओर से प्रदर्शन को लेकर अनुमति नहीं दिए जाने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद CJP ने शिवाजी पार्क में प्रदर्शन किया। आयोजन के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा।

CJP ने कहा है कि उसका आंदोलन आने वाले दिनों में दूसरे शहरों तक भी जाएगा। पार्टी नेताओं के मुताबिक आंदोलन का अगला चरण गोवा, बेंगलुरु, कोलकाता और रांची में आयोजित किया जा सकता है और इसके बाद दिल्ली में जंतर-मंतर तक पहुंचने की योजना है।

SIR को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग, राजनीतिक दलों और नागरिक समूहों के बीच बहस तेज हो गई है। CJP जहां बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने का आरोप लगा रही है, वहीं चुनाव आयोग ने प्रक्रिया और अपने निर्णयों को लेकर स्पष्टीकरण दिया है।

ऐसे में SIR के तहत मतदाता सूची में हुए बदलाव, नाम हटाने के कारण और पुनः नाम जोड़ने की प्रक्रिया आने वाले समय में राजनीतिक बहस के प्रमुख मुद्दों में शामिल रह सकती है।

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