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BCCI: टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर बनने की दौड़ में वसीम जाफर, अजीत अगरकर की जगह पर टिकी नजरें

BCCI: 48 वर्षीय पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने BCCI की वैकेंसी के लिए किया आवेदन, प्रज्ञान ओझा फिलहाल अंतरिम मुख्य चयनकर्ता; पांचवें चयनकर्ता की नियुक्ति के बाद तस्वीर होगी साफ

BCCI: भारतीय क्रिकेट टीम के नए मुख्य चयनकर्ता की नियुक्ति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से चयन समिति में खाली पद को भरने की प्रक्रिया के बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर ने चीफ सेलेक्टर के पद के लिए आवेदन किया है। 48 वर्षीय जाफर ने खुद आवेदन करने की पुष्टि की है। उनके इस कदम के बाद चयन समिति में खाली जगह और मुख्य चयनकर्ता की जिम्मेदारी को लेकर मुकाबला दिलचस्प हो गया है।

फिलहाल प्रज्ञान ओझा अंतरिम मुख्य चयनकर्ता की भूमिका निभा रहे हैं। अब नए चयनकर्ता की नियुक्ति के साथ यह तय होना है कि आगे टीम इंडिया की चयन समिति की कमान किसके हाथों में होगी। इस पूरी प्रक्रिया में क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी (CAC) की भूमिका अहम रहेगी, जो चयनकर्ताओं की नियुक्ति से जुड़े आवेदनों का आकलन करेगी।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, वसीम जाफर ने मुख्य चयनकर्ता के पद के लिए आवेदन करने की पुष्टि की है। यदि उन्हें चयन समिति में जगह मिलती है, तो उनके टेस्ट क्रिकेट अनुभव के आधार पर मुख्य चयनकर्ता बनने की संभावना भी बन सकती है। हालांकि, अंतिम फैसला नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने और संबंधित पदों पर चयन के बाद ही स्पष्ट होगा।

जाफर के पास है ज्यादा टेस्ट खेलने का अनुभव

वसीम जाफर और प्रज्ञान ओझा के टेस्ट मैचों के अनुभव की तुलना इस नियुक्ति की चर्चा में महत्वपूर्ण है। जाफर ने भारत के लिए 31 टेस्ट मैच खेले, जबकि प्रज्ञान ओझा के नाम 24 टेस्ट मैच हैं। चयन समिति में सबसे अधिक टेस्ट मैच खेलने वाले सदस्य को मुख्य चयनकर्ता बनाए जाने की परंपरा का उल्लेख इस दौड़ को और महत्वपूर्ण बनाता है।

इसी आधार पर माना जा रहा है कि यदि जाफर चयन समिति का हिस्सा बनते हैं, तो उनके पास मुख्य चयनकर्ता बनने का मजबूत आधार हो सकता है। दूसरी ओर, प्रज्ञान ओझा फिलहाल अंतरिम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और उनके नाम पर भी चर्चा जारी है।

हालांकि, केवल टेस्ट मैचों की संख्या के आधार पर नियुक्ति तय मान लेना सही नहीं होगा। अंतिम निर्णय BCCI की प्रक्रिया, पात्रता और संबंधित चयन समिति के गठन पर निर्भर करेगा।

प्रज्ञान ओझा को मिल सकता है पद पर बने रहने का मौका

प्रज्ञान ओझा इस समय अंतरिम मुख्य चयनकर्ता के तौर पर काम कर रहे हैं। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि BCCI के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों का उन्हें समर्थन प्राप्त है। इस वजह से यह संभावना भी जताई जा रही है कि ओझा स्थायी मुख्य चयनकर्ता की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।

यदि ओझा को इस पद पर बनाए रखने का फैसला होता है, तो चयन समिति में पांचवें सदस्य की नियुक्ति का समीकरण अलग हो सकता है। वहीं, वसीम जाफर को समिति में शामिल किए जाने की स्थिति में उनके अधिक टेस्ट अनुभव के कारण मुख्य चयनकर्ता के पद को लेकर नई चर्चा शुरू हो सकती है।

इसलिए चयन समिति में खाली पद को भरने का फैसला केवल एक सदस्य की नियुक्ति तक सीमित नहीं है। इससे समिति के नेतृत्व और उसकी संरचना पर भी असर पड़ सकता है।

पार्थिव पटेल के नाम की भी हुई थी चर्चा

मुख्य चयनकर्ता के पद को लेकर पहले पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल का नाम भी चर्चा में आया था। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने इस पद के लिए आवेदन नहीं किया था। ऐसे में उनकी दावेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं मानी जा रही है।

अब वसीम जाफर के आवेदन की पुष्टि के बाद चयन प्रक्रिया में उनकी भूमिका पर ध्यान केंद्रित हो गया है। इसके बावजूद यह कहना जल्दबाजी होगी कि जाफर का चयन तय हो गया है, क्योंकि अभी आवेदन का मूल्यांकन और नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रिया बाकी है।

रमेश पवार भी हो सकते हैं दावेदार

चयन समिति की खाली जगह के लिए पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पवार का नाम भी संभावित दावेदारों में लिया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, पवार ने भारत के लिए दो टेस्ट मैच खेले हैं। वह वेस्ट जोन से आते हैं और चयन समिति में खाली पद भी इसी क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है।

यदि रमेश पवार को चयन समिति में जगह मिलती है, तो मुख्य चयनकर्ता के पद को लेकर समीकरण प्रज्ञान ओझा के पक्ष में जा सकता है। हालांकि, इस संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पवार की नियुक्ति और उसके बाद समिति के नेतृत्व को लेकर कोई भी निष्कर्ष अंतिम निर्णय के बाद ही निकाला जा सकेगा।

CAC करेगी आवेदनों का आकलन

चीफ सेलेक्टर की नियुक्ति की प्रक्रिया में क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी की भूमिका अहम होगी। समिति आवेदनों का आकलन करेगी और चयन प्रक्रिया के तहत उपयुक्त उम्मीदवार के नाम पर विचार किया जाएगा। इसके बाद चयन समिति में खाली पद को भरने का फैसला किया जाएगा।

फिलहाल वसीम जाफर के आवेदन, प्रज्ञान ओझा की अंतरिम भूमिका और रमेश पवार के संभावित नाम के कारण चयन समिति की नियुक्ति पर नजरें बनी हुई हैं। अब देखना होगा कि BCCI किस उम्मीदवार को जिम्मेदारी सौंपता है और क्या नया चयनकर्ता ही मुख्य चयनकर्ता बनेगा या ओझा को इस पद पर बनाए रखा जाएगा।

फिलहाल मुख्य चयनकर्ता के नाम पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। वसीम जाफर ने आवेदन जरूर किया है, लेकिन उनकी नियुक्ति और मुख्य चयनकर्ता बनने की स्थिति चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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