Wi-Fi: Wi-Fi की स्लो स्पीड और बफरिंग से हैं परेशान? राउटर की इन 5 सेटिंग्स को बदलकर देखें
Wi-Fi: वीडियो बार-बार रुकने और इंटरनेट धीमा चलने पर हर बार नया प्लान लेना जरूरी नहीं है। Wi-Fi राउटर की कुछ सेटिंग्स को सही करके कनेक्शन की परफॉर्मेंस बेहतर करने में मदद मिल सकती है।
Wi-Fi: स्मार्टफोन पर वीडियो देखते समय बार-बार बफरिंग होना या लैपटॉप पर वेबसाइट खुलने में ज्यादा समय लगना काफी परेशान कर सकता है। ऐसी स्थिति में कई लोग इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से शिकायत करते हैं या अधिक स्पीड वाला प्लान लेने के बारे में सोचने लगते हैं। हालांकि, हर बार धीमे इंटरनेट की वजह प्लान या नेटवर्क प्रोवाइडर नहीं होता। कई बार Wi-Fi राउटर की सेटिंग्स, उसकी लोकेशन या आसपास मौजूद दूसरे वायरलेस नेटवर्क भी कनेक्शन को प्रभावित कर सकते हैं।
कुछ आसान बदलाव करके Wi-Fi के प्रदर्शन में सुधार किया जा सकता है। हालांकि, इससे मिलने वाला फायदा आपके राउटर, इंटरनेट प्लान, डिवाइस और नेटवर्क की स्थिति पर निर्भर करेगा। आइए जानते हैं राउटर की ऐसी पांच सेटिंग्स के बारे में, जिन्हें चेक करना उपयोगी हो सकता है।
1. 2.4GHz और 5GHz बैंड की सेटिंग जांचें
कई आधुनिक Wi-Fi राउटर Smart Connect फीचर के जरिए 2.4GHz और 5GHz बैंड को एक ही नेटवर्क नाम के तहत चलाते हैं। इससे डिवाइस अपने हिसाब से बैंड चुन सकता है, लेकिन कुछ स्थितियों में मनचाहा बैंड चुनना मुश्किल हो सकता है।
राउटर में दोनों बैंड के नाम अलग-अलग रखने का विकल्प उपलब्ध हो, तो आप जरूरत के अनुसार डिवाइस कनेक्ट कर सकते हैं। राउटर के पास मौजूद स्मार्टफोन और लैपटॉप के लिए 5GHz बैंड उपयोगी हो सकता है, क्योंकि यह आमतौर पर अधिक स्पीड देता है। वहीं, ज्यादा दूरी या दीवारों के पार बेहतर कवरेज के लिए 2.4GHz बैंड मददगार हो सकता है।
ध्यान रखें कि 5GHz की रेंज आमतौर पर 2.4GHz से कम होती है। इसलिए हर स्थिति में 5GHz चुनना जरूरी नहीं है। यदि Smart Connect अच्छी तरह काम कर रहा है, तो उसे बंद करने से फायदा होना भी जरूरी नहीं है।
2. Wi-Fi चैनल की सही सेटिंग चुनें
आसपास कई Wi-Fi नेटवर्क सक्रिय होने पर वायरलेस सिग्नल में भीड़ बढ़ सकती है। खासकर अपार्टमेंट या घनी आबादी वाले इलाकों में एक ही चैनल का इस्तेमाल करने वाले कई नेटवर्क कनेक्शन को प्रभावित कर सकते हैं।
राउटर की सेटिंग में जाकर चैनल विकल्प जांचें। 2.4GHz नेटवर्क के लिए आमतौर पर 1, 6 और 11 चैनल उपयोगी विकल्प माने जाते हैं। वहीं, 5GHz बैंड पर उपलब्ध चैनल राउटर और क्षेत्र के नियमों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। यदि राउटर में ऑटो चैनल का विकल्प है, तो उसे भी आजमाया जा सकता है।
सही चैनल चुनने से नेटवर्क की भीड़ का असर कम हो सकता है, हालांकि परिणाम आसपास के नेटवर्क और सिग्नल की स्थिति पर निर्भर करेंगे।
3. राउटर के फर्मवेयर को अपडेट रखें
पुराने फर्मवेयर की वजह से राउटर में सुरक्षा संबंधी कमियां या प्रदर्शन से जुड़ी समस्याएं रह सकती हैं। निर्माता समय-समय पर अपडेट जारी करते हैं, जिनमें सुरक्षा सुधार और बग फिक्स शामिल हो सकते हैं।
राउटर के एडमिन पैनल या संबंधित मोबाइल ऐप में जाकर फर्मवेयर अपडेट का विकल्प जांचें। यदि नया अपडेट उपलब्ध हो, तो निर्माता के निर्देशों के अनुसार उसे इंस्टॉल करें। अपडेट के दौरान राउटर की बिजली बंद न करें।
ध्यान रहे कि फर्मवेयर अपडेट से हर बार इंटरनेट की स्पीड नहीं बढ़ती, लेकिन राउटर को सुरक्षित और बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिल सकती है।
4. QoS सेटिंग से जरूरी डिवाइस को प्राथमिकता दें
कुछ राउटर में Quality of Service यानी QoS का फीचर मिलता है। इसकी मदद से कुछ डिवाइस या गतिविधियों को नेटवर्क पर प्राथमिकता दी जा सकती है। उदाहरण के लिए, वीडियो कॉल, ऑनलाइन मीटिंग या गेमिंग के दौरान किसी खास डिवाइस को प्राथमिकता देना उपयोगी हो सकता है।
यदि घर में कई लोग एक साथ इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं, तो QoS सेटिंग आजमाई जा सकती है। हालांकि, इसका नाम और काम करने का तरीका राउटर के मॉडल के अनुसार अलग हो सकता है।
यह फीचर इंटरनेट प्लान की कुल स्पीड नहीं बढ़ाता, बल्कि उपलब्ध बैंडविड्थ को जरूरत के हिसाब से बांटने में मदद कर सकता है।
5. राउटर की लोकेशन और सिग्नल सेटिंग जांचें
Wi-Fi की खराब परफॉर्मेंस का कारण सिर्फ सॉफ्टवेयर सेटिंग्स नहीं, बल्कि राउटर की गलत लोकेशन भी हो सकती है। यदि राउटर किसी बंद अलमारी, मोटी दीवार के पीछे या फर्श के पास रखा है, तो सिग्नल कमजोर हो सकते हैं।
बेहतर कवरेज के लिए राउटर को घर के बीचोंबीच, खुली और अपेक्षाकृत ऊंची जगह पर रखने की कोशिश करें। उसे माइक्रोवेव और अन्य संभावित वायरलेस व्यवधान पैदा करने वाले उपकरणों से दूर रखना भी उपयोगी हो सकता है।
यदि राउटर में एंटीना लगे हैं, तो निर्माता के निर्देशों के अनुसार उनकी दिशा समायोजित करें। बड़े घर में एक ही राउटर पर्याप्त कवरेज न दे रहा हो, तो Wi-Fi एक्सटेंडर या मेश नेटवर्क पर विचार किया जा सकता है।
Wi-Fi फिर भी स्लो है तो क्या करें?
अगर इन बदलावों के बाद भी इंटरनेट धीमा चल रहा है, तो कुछ बुनियादी जांच जरूर करें। राउटर को रीस्टार्ट करें, देखें कि समस्या सभी डिवाइस में आ रही है या सिर्फ एक में, और राउटर के पास रहकर स्पीड टेस्ट करें। संभव हो तो इंटरनेट की स्पीड को केबल के जरिए भी जांचें।
यदि कनेक्शन लगातार धीमा है या बार-बार टूट रहा है, तो इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से संपर्क करना बेहतर होगा। समस्या इंटरनेट लाइन, राउटर की क्षमता, पुराने हार्डवेयर या नेटवर्क पर एक साथ जुड़े कई डिवाइस की वजह से भी हो सकती है।



