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Cyber Security: हर वेबसाइट पर ‘Accept All Cookies’ पर क्लिक करना पड़ सकता है भारी! जानिए कैसे खतरे में पड़ जाती है आपकी ऑनलाइन प्राइवेसी

Cyber Security: इंटरनेट चलाते वक्त पॉप-अप देखते ही बिना सोचे-समझे सभी कुकीज को हां कह देना आपकी प्राइवेसी के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। जानिए इसके नुकसान और बचने के आसान तरीके।

Cyber Security: इंटरनेट की दुनिया में जब भी हम कोई नई वेबसाइट खोलते हैं, तो स्क्रीन पर ‘Accept All Cookies’ और ‘Reject All’ का पॉप-अप नजर आने लगता है। ज्यादातर लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे या बार-बार आने वाले इस पॉप-अप से तुरंत छुटकारा पाने के लिए ‘Accept All’ पर क्लिक कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह छोटी सी लापरवाही आपकी ऑनलाइन प्राइवेसी और पर्सनल डेटा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है? आइए जानते हैं कि हर वेबसाइट पर कुकीज को हां कहना क्यों भारी पड़ सकता है और ये किस तरह आपकी ब्राउजिंग एक्टिविटी को ट्रैक करती हैं।

कुकीज (Cookies) क्या हैं और ये कैसे काम करती हैं? जब आप किसी भी वेबसाइट पर पहली बार जाते हैं, तो वह सर्वर आपके ब्राउजर में एक छोटी सी टेक्स्ट फाइल सेव कर देता है, जिसे ‘कुकी’ कहा जाता है। इनकी मदद से वेबसाइट आपकी लॉगिन स्थिति (Login status), भाषा की पसंद (Language preference) और शॉपिंग कार्ट में रखे सामान जैसी जरूरी जानकारियां याद रखती है। इससे अगली बार जब आप उस वेबसाइट पर जाते हैं, तो वह आपके अनुभव को आसान बना देती है। हालांकि, सभी कुकीज एक जैसी नहीं होतीं; कुछ वेबसाइट चलाने के लिए बेहद जरूरी होती हैं, तो कुछ आपकी हर हरकत पर नजर रखती हैं।

बिना सोचे-समझे सभी कुकीज को ‘हां’ कहना क्यों है खतरनाक? हर वेबसाइट पर आंख मूंदकर ‘Accept All Cookies’ पर क्लिक करने से आपकी ऑनलाइन गतिविधियों का पूरा डेटा थर्ड-पार्टी कंपनियों और विज्ञापनदाताओं तक पहुंच सकता है। हालांकि कुछ कुकीज सिर्फ आपकी पसंद याद रखती हैं, लेकिन विज्ञापन वाली (Advertising) कुकीज अलग-अलग वेबसाइटों पर आपकी ब्राउजिंग एक्टिविटी को लगातार ट्रैक करती रहती हैं। इससे आपकी पसंद, नापसंद और पर्सनल इंटरेस्ट का एक प्रोफाइल तैयार कर लिया जाता है, जिसके आधार पर आपको लगातार टार्गेटेड विज्ञापन दिखाए जाते हैं।

वेबसाइटों पर कितने प्रकार की होती हैं कुकीज? मुख्य रूप से कुकीज चार प्रकार की होती हैं:

  1. एसेंशियल कुकीज (Essential Cookies): ये वेबसाइट के बुनियादी और जरूरी कामकाज को चलाने के लिए आवश्यक होती हैं।

  2. फंक्शनल कुकीज (Functional Cookies): ये आपकी भाषा और अन्य सेटिंग्स को याद रखती हैं।

  3. एनालिटिक्स कुकीज (Analytics Cookies): ये वेबसाइट पर आपकी एक्टिविटी से जुड़े आंकड़े जुटाती हैं कि आप पेज पर कितना समय बिता रहे हैं।

  4. विज्ञापन कुकीज (Advertising/Tracking Cookies): ये आपकी ब्राउजिंग आदतों को ट्रैक करके आपकी पसंद के मुताबिक विज्ञापन दिखाने में मदद करती हैं।

ऑनलाइन ट्रैकिंग से बचने के लिए क्या उपाय करें? अपनी ऑनलाइन प्राइवेसी को सुरक्षित रखने और अनचाही ट्रैकिंग से बचने के लिए आप कुछ आसान कदम उठा सकते हैं:

  • कस्टमाइज करें (Manage Preferences): कुकीज का पॉप-अप दिखने पर जल्दबाजी में ‘Accept All’ करने के बजाय ‘Manage Preferences’ या ‘Customize’ के विकल्प पर जाएं।

  • जरूरी कुकीज चुनें: केवल वेबसाइट चलाने के लिए जरूरी (Essential) कुकीज को चालू रखें, जबकि गैर-जरूरी विज्ञापन और ट्रैकिंग कुकीज को मैन्युअली बंद कर दें।

  • ब्राउजर सेटिंग्स बदलें: अपने वेब ब्राउजर की प्राइवेसी सेटिंग्स में जाकर ‘थर्ड-पार्टी कुकीज’ को ब्लॉक कर दें और समय-समय पर अपनी पुरानी ब्राउजिंग हिस्ट्री व कुकीज को क्लियर करते रहें।

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