Mission Karmayogi : ‘काम से तय होगी अफसरों की काबिलियत’, योगी का मिशन कर्मयोगी पर जोर, बोले – नागरिक संतुष्टि बनेगी रिपोर्ट कार्ड
Mission Karmayogi : सीएम योगी ने मिशन कर्मयोगी के तहत प्रशासनिक सुधारों पर जोर दिया। ACR और प्रमोशन को कार्य प्रदर्शन से जोड़ने, नागरिक संतुष्टि और AI आधारित प्रशिक्षण पर फोकस।

Mission Karmayogi : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार पर जोर देते हुए कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों की काबिलियत का आकलन उनके काम और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिक संतुष्टि ही लोकसेवकों का वास्तविक रिपोर्ट कार्ड है। सरकार अधिकारियों के कार्य प्रदर्शन, उपलब्धियों और सफल कार्यों को वार्षिक गोपनीय आख्या (ACR) तथा पदोन्नति से जोड़ने की दिशा में काम करेगी। साथ ही, सही व्यक्ति को सही पद पर तैनात करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को लखनऊ स्थित लोकभवन में मिशन कर्मयोगी के तहत आयोजित ‘साधना श्रृंखला-2026’ की उत्तरी क्षेत्रीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रशासन को अधिक सक्षम, संवेदनशील और जवाबदेह बनाने के लिए प्रशिक्षण, तकनीक के इस्तेमाल और कार्य प्रदर्शन के मूल्यांकन में सुधार की जरूरत बताई।
काम से तय होगी अफसरों की काबिलियत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की दक्षता का आकलन केवल उनकी शैक्षणिक योग्यता या प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों से नहीं किया जा सकता। उनकी वास्तविक काबिलियत इस बात से सामने आती है कि वे जनता की समस्याओं का समाधान कितनी तत्परता और प्रभावी तरीके से करते हैं।
उन्होंने कहा कि कार्य प्रदर्शन, उपलब्धियों और बेहतर काम के उदाहरणों को ACR तथा पदोन्नति से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। इसके साथ ही ‘राइट पर्सन फॉर द राइट रोल’ यानी सही व्यक्ति को सही जिम्मेदारी देने की व्यवस्था पर जोर दिया जाएगा।
नागरिक संतुष्टि ही अफसरों का रिपोर्ट कार्ड
सीएम योगी ने कहा कि आम नागरिकों को अपने सामान्य काम के लिए एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ें, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। बुजुर्गों, महिलाओं, किसानों और जरूरतमंदों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने ‘ऑफिस-ऑफिस’ धारावाहिक का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियों को समाप्त करना जरूरी है, जिनमें आम लोगों को अपने काम के लिए अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी अयोग्य व्यक्ति का महत्वपूर्ण पद पर होना या लापरवाह अधिकारी का जिम्मेदारी वाले पद पर बने रहना, दोनों ही व्यवस्था के लिए नुकसानदायक हैं। प्रशिक्षण का वास्तविक लाभ तभी है, जब उससे सरकारी कामकाज की गुणवत्ता सुधरे और नागरिकों की समस्याओं का समाधान तेजी से हो।
ऑफिस-ऑफिस की संस्कृति खत्म करने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और जवाबदेही तय करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों को ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित करनी चाहिए, जिसमें नागरिकों को समय पर सेवाएं मिलें और अनावश्यक औपचारिकताओं से बचा जा सके।
उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत बताते हुए कहा कि स्पष्ट जिम्मेदारियां तय करने से योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है। इंसेफेलाइटिस नियंत्रण का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और जिम्मेदारी निर्धारण से बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
ACR और प्रमोशन से जुड़ेगा कार्य प्रदर्शन
सरकार अधिकारियों और कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय आख्या तथा पदोन्नति प्रक्रिया में उनके कार्य प्रदर्शन और उपलब्धियों को महत्व देने की दिशा में काम करेगी। इसका उद्देश्य ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें बेहतर काम करने वाले कर्मचारियों की उपलब्धियों को उचित महत्व मिले और जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही पर भी ध्यान दिया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण की सफलता केवल इस बात से नहीं मापी जानी चाहिए कि कितने कर्मचारियों ने पाठ्यक्रम पूरा किया। यह भी देखना जरूरी है कि प्रशिक्षण से निर्णय लेने की क्षमता, कार्यशैली और नागरिक सेवाओं में कितना सुधार हुआ।
एआई और डिजिटल तकनीक से सुधरेगा प्रशासन
सीएम योगी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल को प्रशासनिक सुधारों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (रुपाम) को एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि नई तकनीकों के अनुरूप अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना जरूरी है, ताकि सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा सके और निर्णय लेने की क्षमता बेहतर हो।
इसके अलावा पंचायतों, नगर पंचायतों, नगर पालिका परिषदों और नगर निगमों के कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
यूपी के 19.26 लाख से अधिक कर्मचारी IGOT कर्मयोगी पोर्टल पर पंजीकृत
मुख्यमंत्री के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के 19.26 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर पंजीकृत हैं। पोर्टल पर लगभग चार करोड़ प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे किए जा चुके हैं। वहीं, 334 से अधिक प्रशिक्षण संस्थान उन्नति पोर्टल से जुड़ चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अब प्रशिक्षण के परिणामों का आकलन इस आधार पर करना होगा कि इससे प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया और आम जनता को मिलने वाली सेवाओं में कितना सुधार आया है।
प्रशासनिक सुधारों से नागरिक सेवाएं होंगी बेहतर: केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि मिशन कर्मयोगी नियम आधारित व्यवस्था से भूमिका आधारित शासन की ओर बढ़ने की पहल है। इसका उद्देश्य सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रभावी निर्वहन के लिए जरूरी दक्षताओं से लैस करना है, ताकि प्रशासन अधिक जवाबदेह और नागरिक केंद्रित बन सके।
शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित साधना श्रृंखला-2026 की तीसरी क्षेत्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को पारंपरिक प्रशिक्षण से आगे बढ़कर क्षमता विकास और उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किए गए प्रशासनिक सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि दस्तावेजों के सत्यापन में राजपत्रित अधिकारियों की अनिवार्यता समाप्त करने, भर्ती प्रक्रियाओं को सरल बनाने, रोजगार मेलों, सीपीजीआरएएमएस और डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जैसी पहलों से नागरिक सेवाओं को आसान बनाने में मदद मिली है।
उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से क्षमता विकास आयोग की ओर से आयोजित इस दो दिवसीय कार्यशाला में आठ राज्यों और उत्तरी क्षेत्र के चार केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। केंद्रीय मंत्री ने आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर 19 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों के पंजीकरण के लिए उत्तर प्रदेश की सराहना भी की।
उन्होंने कहा कि तकनीक, संस्थागत अनुभव और अधिकारियों की दक्षताओं को उनकी जिम्मेदारियों से जोड़कर प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।



